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समुद्र तट पर अधमरी पाई गई दुर्लभ मछली,चौंका देगा जिसका आकार और वजन

ओडिशा के समुद्रतटों पर पहले भी ऐसे दुर्लभतम जीव पाएं गए हैं...

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दुर्लभ प्रजाति की शार्क मछली

दुर्लभ प्रजाति की शार्क मछली

(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): ओडिशा में गंजम जिले के ब्रह्मपुर तटवर्ती क्षेत्र में दुर्लभ प्रजाति की शार्क मछली छटपटाती पाई गई। पतीसोनपुर समुद्र तट पर गांव वालों ने जब यह मछली देखी तो भौंचक रह गए। वहां के लोगों ने उसे जैसे-तैसे बचाकर खींचखांचकर समुद्र के पानी तक पहुंचा दिया। बीते आठ साल में यह तीसरी घटना है जब व्हेल-शार्क,जैसी मछलिया यहां पर पाई गईं।


ऐसा आकार और वजन जो चौंका देगा

गांव वालों का कहना है कि यह मछली 9 से 10 फुट लंबी होगी। वजन करीब 40 किलो है। लोगों ने समझा पूर्व में मिली अन्य मछलियों की भांति यह मछली मर चुकी होगी पर ऐसा नहीं था। गांव वालों ने मिलकर मूर्छित पड़ी मछली को फिर समुद्र में धकेल दिया। इससे पहले भी गोपालपुर, ब्रह्मपुर, सोनपुर तट पर मछलियां मिली हैं। वन विभाग ने इन दुर्लभ प्रजातियों को बचाने के लिए कुछ नहीं किया।


ब्रह्मपुर फॉरेस्ट डिवीजन अफसर आशीष कुमार बेहरा ने बताया कि संभव है कि जलवायु परिवर्तन इसका कारण हो सकता हो। पर वैज्ञानिक अध्ययन के बिना कुछ नहीं कहा जा सकता। वह कहते हैं कि पहली बार ऐसी मछली 2010 में पाई गई थी उसके बाद गोपालपुर पोर्ट में 2016 में। यह 21 डिग्री से नीचे के तापमान में शायद ही पाई जाती हो।

पहले भी पाएं गए ऐसे दुर्लभतम जीव

पर्यावरणविदों का कहना है कि इस पर शोध अध्ययन किया जाना चाहिेए कि ओडिशा के तट पर ऐसी क्या बात है कि यहां के तटीय क्षेत्र में दुर्लभ प्रजाति की व्हेल-शार्क मछलियां अप्राकृतिक तरीके से मरी पाई जाती हैं। जानकारी के अनुसार तीन फरवरी 2016 को 33 फुट लंबी शार्क पद्मपोटा गंजाम में मृत पाई गई। इसी तरह पांच फरवरी को इसी क्षेत्र के चिंचरियामोत गांव में 50 व 60 फुट की व्हेल मरी पाई गई। फिर 11 फरवरी को 6 फुट लंबी तथा 27 फरवरी को ऐसी मछली मृत मिली। पुरी के पैथ समुद्र मे 42 फुट व्हेल व 16 फुट लंबी शार्क मछली मृत मिली।