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(पत्रिका ब्यूरो, भुवनेश्वर): भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की सभी इकाइयों ने शहीद सप्ताह मनाने का ऐलान किया है। इसकी शुरुआत ओडिशा और आंध्र के सीमावर्ती गांव में एक आदिवासी को पुलिस का मुखबिर बताकर उसकी हत्या से की गई। मरने वाले का नाम वंथला जयराम है।
इन क्षेत्रों में हुआ असर
वह विशाखापत्तनम कुमकुडी क्षेत्र के चुक्कागोइ गांव का रहने वाला था। शहीद सप्ताह का असर मलकानगिरि, कोरापुट, रायगढ़ा नुवापाढ़ा में दिखाई दिया। इन इलाकों में सुरक्षा बलों का भारी बंदोबस्त किया गया। माओवादी शहीद सप्ताह 28 जुलाई से लेकर 3 अगस्त तक चलेगा।
पुलिस जब्त कर रही माओवादियों के पोस्टर व बैनर
माओवादी शहीद सप्ताह मनाने के लिए माओवादियों ने जगह-जगह हाथ लिखे पोस्टर और बैनर लगाए जिन्हें पुलिस जब्त कर रही है। सबसे ज्यादा पोस्टर कमिला पुलिस थाना क्षेत्र में लगाए गए हैं। शहीद स्मारक कोरापुट में माओवादियों ने सुरक्षा बलों की नजरों से बचते हुए एनकाउंटर में मारे गए माओवादियों के लिए शहीद स्तंभ पर फूल चढ़ाए। पुलिस ने विभिन्न इलाकों में माओवादियों के पोस्टर जब्त किए। पोस्टरों में उन्होंने पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी ज्वाइन करने की अपील की है।
माओवादियों का नया गढ़ बरगढ़
पश्चिम ओडिशा का जिला बरगढ़ माओवादियों के नए गढ़ के रूप में उभरकर सामने आया है। माओवादियों के शहीद सप्ताह में अबकी उनके संगठनों ने जनपद के कुडापल्ली चौक, केमर्ली चौक, कलिनपड़ा चौक व आसपास भारी संख्या में बैनर व पोस्टर लगाए हैं। यहां पर लगाए गए पोस्टर बाहर से छपवाकर लाए हैं। माओवादियों ने बरगढ़ और बलंगीर में पैठ बनाने के लिए किसानों का मुद्दा उठाया है। यहां के किसानों व मजलूमों का समर्थन मांगने के लिए बलंगीर व बरगढ़ की माओवादी डिवीजन की ओर से पोस्टर लगाए गए हैं।
गुरूप्रिया पुल का हुआ उद्घाटन
बता दें कि सूबे के विभिन्न इलाकों में माओवादियों का प्रभाव है। हाल ही में मलाकानगिरि में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरूप्रिया पुल का उद्घाटन किया। माओवादियों ने इस पुल को कई बार विस्फोट कर धवस्त किया। अंत में बड़ी मुश्किलों के बाद पुल से आवाजाही शुरू हो पाई।
Published on:
28 Jul 2018 06:17 pm
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