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(भुवनेश्वर): ओडिशा में पुलिस ( Odisha Police ) का गुंडाराज बदस्तूर जारी है। इनके खिलाफ एक तो कोई साहसी नागरिक ही शिकायत दर्ज करा सकता है। अगर नागरिक पुलिस द्वारा उत्पीड़न किए जाने की शिकायत आला अफसरों से करे भी तो कोई कार्रवाई नहीं की जाती। वहीं वाली कहावत कि सैंया भये कोतवाल तो डार काहे का। पुलिस की शिकायत पुलिस से ही करोगे तो सुनेगा कौन? पुलिस महकमे से जुड़ी ऐसी जानकारी सामने आई है जिसने ओडिशा पुलिस के कार्यशैली पर सवाल ख़ड़ा कर दिया है।
जन सूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार पिछले दो साल में पुलिस महकमें में आईपीएस से लेकर इंसपेक्टर सिपाही तक के खिलाफ 868 शिकायतें दर्ज कारयी गईं पर कार्रवाई एक पर भी नहीं हुई। इसमें आईपीएस से लेकर ओडिशा पुलिस सर्विस, ओडिशा आर्म्ड पुलिस सर्विस और इंसपेक्टर तक सिपाही तक की कैटेगरी के लोग शामिल हैं। साफ है कि पुलिस विभाग में सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। यह जानकारी जन सूचना अधिकार के तहत पुलिस मुख्यालय कटक से मांगी गयी थी जिसका राज्य पुलिस विभाग ने जवाब दिया गया।
इसी जन सूचना अधिकार के जवाब में पुलिस विभाग Odisha Police Department ने बताया कि 21 शिकायतें बड़े अफसरों के विरुद्ध हैं जिन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। यह भी पता है कि इस दौरान (2016-2017) एक भी पुलिस वाले ने पब्लिक से दुर्व्यवहार नहीं किया। यानी ऐसी एक भी घटना प्रकाश में नहीं आई।
-इनमें 21 शिकायतें तो आला पुलिस अफसरों के खिलाफ हैं
-आईपीएस के खिलाफ 2016 में 10 तो 2017 में 11
-ओपीएस के खिलाफ 2016 में 29 तो 2017 19
-ओएपीएस के खिलाफ 2016 में 6 तो 2017 में 7
-सिपाही व इंसपेक्टर्स के खिलाफ 2016 में 439 तो 2017 में 429
Published on:
19 Jun 2019 06:50 pm
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