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ओडिशा:तवज्जो न मिलने से नाराज प्रधान बोले- सीएम आफिस उन्हें बिहारी कहता है!

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा उनके पत्रों को कोई तवज्जो न देने को लेकर प्रधान बहुत खिन्न हैं...

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dharmendra pradhan and naveen patnayak

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महेश शर्मा की रिपोर्ट...

(भुवनेश्वर): केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को भेजे पत्र में कहा है कि ओडिशा के विकास में नवीन पटनायक का सहयोग नहीं मिल रहा है। खाद्य प्रसंस्करण और निवेश पर व्यापक चर्चा के लिए बहुत कोशिशों के बाद भी मुख्यमंत्री समय नहीं दे रहे हैं। यहां तक कि अपने चीफ सेक्रेटरी को भी भेंटवार्ता के लिए मना कर दिया। प्रधान ने कहा कि राज्य के विकास के लिए उनके प्रयासों को तवज्जो न देकर राज्य सरकार ओडिशा को विकास की विपरीत दिशा में धकेल रही है।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा उनके पत्रों को कोई तवज्जो न देने को लेकर प्रधान बहुत खिन्न हैं। वह कहते हैं कि राज्य के विकास के लिए प्रयास संबंधी कई पत्र लिख चुका हूं पर किसी का भी जवाब देने की जरूरत तक नहीं समझी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बिहारी (पिछली बार वह बिहार से राज्यसभा सदस्य थे) और केंद्र का चपरासी कहकर खिल्ली उड़ायी जाती है। केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि वह राज्य के विकास के लिए हर तरह का अपमान सहने को तैयार हैं।

प्रधान ने पटनायक पर लगाएं यह आरोप

उनका नवीन पर आरोप है कि वह चीफ सेक्रेटरी एपी पाढ़ी तक को बातचीत के लिए अनुमति नहीं देते हैं। वह ओडिशा में निवेश के लिए बड़े प्रस्तावों पर चर्चा करना चाहते हैं। व्यस्त होने का बहाना बनाकर बातचीत के हर प्रयास ठुकराए जा रहे हैं। वह इस साल होने वाली मेक इन ओडिशा कान्क्लेव में सहयोग देना चाहते हैं पर राज्य सरकार उन्हें कोई चांस नहीं दे रही है।

यह बोले बीजद के प्रवक्ता

बीजू जनता दल की प्रवक्ता सुलोचना दास कहती हैं कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ऐसे पत्र सीएम को लिखना उचित नहीं है। संबंधित मंत्रालय प्रस्ताव के साथ एक सिस्टम में राज्य सरकार से संपर्क साधे तो बात बन सकती है। हर दूसरे मंत्रालय का काम भी मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के ही माध्यम से होगा यह उचित नहीं। भाजपा विकास के नाम पर राजनीति कर रही है जबकि बीजद सरकार ओडिशा के विकास की लाइन पर चल रही है।.

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