
Satkosia Tiger Reserve
महेश शर्मा की रिपोर्ट...
(भुवनेश्वर): देश में पहली बार मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व से रॉयल बंगाल टाइगर को ओडिशा के अनुगुल जिला स्थित सतकोसिया टाइगर रिजर्व में पुनर्वासन को भेजा गया है। उसे वन कर्मी एक विशेष वाहन से अनुगुल स्थित सतकोसिया टाइगर रिजर्व लाए। जिन रास्तों से वाहन गुजरा वहां देखने वालों की भीड़ लग गई थी। रॉयल बंगाल टाइगर के स्वास्थ परीक्षण के बाद उसे टाइगर रिजर्व में छोड़ा जाएगा। कुल छह रॉयल बंगाल टाइगर अनुगुल के सतकोसिया टाइगर रिजर्व लाए जाएंगे। यह पहला है। अभी पांच और टाइगर लाए जाएंगे।
जानिए सतकोसिया टाइगर रिजर्व के बारे में...
मध्यप्रदेश और ओडिशा के वन विभाग की संयुक्त टीम तथा नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी मिलकर टाइगर को ओडिशा लाए। सतकोसिया टाइगर रिजर्व में फिलवक्त दो टाइगर हैं जिनकी उम्र 13 से 14 साल की है। यह टाइगर सतकोसिया टाइगर रिजर्व के रागुडा वन क्षेत्र में रखा जाएगा। सतकोसिया टाइगर रिजर्व 988 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में है। इसकी परिधि में 22 किलोमीटर महानदी का क्षेत्र का आता है। आसपास पहाड़ी क्षेत्र घनघोर जंगल में होने की उपस्थिति का एहसास कराता है। सतकोसिया जार्ज वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी 1976 में बनाई गई थी। तब 796 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र था। सन 2007 में इसे सतकोसिया टाइगर रिजर्व नाम दिया गया था।
पहली बार हुआ ऐसा
वन विभाग के अधिकारी मानते हैं कि ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी टाइगर रिजर्व से टाइगर को अन्य किसी टाइगर रिजर्व में पुनर्स्थापन के लिए ले जाया जा रहा हो। कान्हा टाइगर रिजर्व के संचालक डा.संजय कुमार बताते हैं कि सभी एहतियाती जरूरतों के साथ टाइगर को ट्रेंकुलाइज़ करके लाया गया है।
ओडिशा को मिलने वाली है यह सौगात
ओडिशा के सतकोसिया टाइगर रिजर्व में पहले कभी बाघों की अच्छी आबादी थी। इस टाइगर रिजर्व में बाघों के पुनर्स्थापन के लिए केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी तथा भारतीय वन्यप्राणि संस्थान देहरादून द्वारा एक विशेष योजना तैयार की गई। इस योजना के मुताबिक ओडिशा को नर और मादा मिलाकर तीन जोड़े यानी छह टाइगर दिए जाएंगे। इसी कड़ी में रॉयल बंगाल टाइगर रवाना किया गया। टाइगर की आबादी बढ़ाने के लिहाज से यह महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
Published on:
21 Jun 2018 06:13 pm
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