
choudhary virendra singh file photo
महेश शर्मा की रिपोर्ट...
(भुवनेश्वर): केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि खनिज संपदा में ओडिशा संपन्न है। उसकी 100 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन क्षमता है। इससे 2030 तक देश की 300 मिलियन टन की जरुरत का उत्पादन लक्ष्य आसानी से पाया जा सकता है। राष्ट्रीय इस्पात नीति में उत्पादन का लक्ष्य ओडिशा के सहयोग के बिना पूरा नहीं हो सकता।
2017 के बाद समाप्त हुई स्टील इंडस्ट्री की दिक्कते
केंद्रीय मंत्री कलिंगानगर इंडस्ट्रियल इस्टेट जाजपुर निरीक्षण पर गए थे। इस क्षेत्र में 15 स्टील प्लांट लगे हैं जिनमें पब्लिक सेक्टर का नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड है तो प्राइवेट में टाटा स्टील भी है। जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड का प्लांट भी यहीं पर है। उन्होंने विभिन्न कंपनियों के चेयरमैन, प्रबंध निदेशकों के साथ मीटिंग भी की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017 से पहले स्टील इंडस्ट्री में दिक्कत थी पर 2017 से यह समाप्त हो चुकी है। मंत्री ने भारतीय इस्पात उद्योग के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।
सीएम पटनायक और चौधरी वीरेंद्र ने मिलकर की चर्चा
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह के साथ सचिवालय में बैठक करके ओडिशा में इस्पात की संभावनाओं पर चर्चा की। इस मौके पर नवीन ने पुरी स्थित बीजू पटनायक स्टील इंस्टीट्यूट को आईआईटी के स्तर का बनाने में सहयोग देने को कहा। यह इंस्टीट्यूट 2002 में स्थापित किया गया था। इस आशय का उन्होंने एक प्रस्ताव भी दिया।
सीएम लेकर आ रहे लुभावनी योजनाएं
सीएम नवीन पटनायक ने स्टील इंडस्ट्री की सभी समस्याओं पर विचार विमर्ष किया। इसी के साथ वह जनता के लिए लुभावनी योजनाएं भी लेकर आ रहे है। हाल ही में सरकार स्वास्थ्य कल्याण योजना लेकर आई है जो सबसे ज्यादा चार्चा में है। बाहर इस योजना को नवीन केयर योजना के नाम से जाना जा रहा है। इस योजना को स्वतंत्रता दिवस पर लागू किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस योजना के लागू होने के बाद नागरिकों को मुफ्त इलाज उपलब्ध करवाया जाएगा और स्वास्थ्य बीमा भी करवाया जाएगा।
Published on:
13 Jun 2018 05:08 pm
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