
आज मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर (Photo Source- Patrika)
Naxal Surrender 2026: केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान को एक और बड़ी कामयाबी मिलने जा रही है। मोस्ट वॉन्टेड नक्सली कमांडर सुन्नम पापाराव मंगलवार को आत्मसमर्पण करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार वह अपने 17 साथियों के साथ सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर करेगा। पापाराव, जिसे मंगू दादा उर्फ चंद्रन्ना के नाम से भी जाना जाता है, सुकमा जिले का निवासी है।
वह नक्सल संगठन की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DSZC) का सदस्य रह चुका है। इसके अलावा वह पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का प्रभारी और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो से भी जुड़ा हुआ था। पापाराव लंबे समय से बीजापुर और सुकमा समेत बस्तर के कई इलाकों में सक्रिय रहा है। क्षेत्र की भौगोलिक जानकारी होने के कारण वह कई बार सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ों में बच निकलने में सफल रहा।
बताया जाता है कि वह भैरमगढ़ और पश्चिम बस्तर क्षेत्र में हुए कई हमलों में शामिल रहा है और उस पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें कई गिरफ्तारी वारंट भी शामिल हैं। सरकार ने देश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए 31 मार्च 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। बीते कुछ समय में सुरक्षाबलों ने कई बड़े नक्सलियों को मुठभेड़ों में मार गिराया है, वहीं दूसरी ओर पुनर्वास नीति के जरिए नक्सलियों को आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस नीति का असर भी अब जमीनी स्तर पर देखने को मिल रहा है।
Naxal Surrender 2026: केंद्र और राज्य सरकारों के नक्सल विरोधी अभियान को एक बड़ी सफलता मिलने जा रही है। मोस्ट वॉन्टेड नक्सली कमांडर सुन्नम पापाराव मंगलवार को अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण करने वाला है। यह कदम सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और बढ़ते दबाव का परिणाम माना जा रहा है। वह लंबे समय से बीजापुर और सुकमा समेत बस्तर के घने जंगलों में सक्रिय रहा।
इलाके की भौगोलिक जानकारी होने के कारण वह कई बार मुठभेड़ों से बच निकलने में सफल रहा। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पापाराव भैरमगढ़ और पश्चिम बस्तर क्षेत्र में हुए कई बड़े हमलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और कई वारंट भी जारी हैं। सरकार ने देश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए 31 मार्च 2026 तक का लक्ष्य तय किया है।
पिछले दो वर्षों में सुरक्षाबलों ने कई बड़े नक्सल नेताओं को ढेर किया है, वहीं पुनर्वास नीति के तहत नक्सलियों को आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पापाराव का संभावित सरेंडर इसी बदलते माहौल का संकेत माना जा रहा है।
Published on:
24 Mar 2026 10:23 am
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