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यूपी के इस स्कूल में पढ़ार्इ गर्इ थी जाकिर नार्इक की किताब, अब हुआ ये हाल

किताबों में नार्इक को बताया जा रहा था नायक बीएसए ने विभाग को भेजी रिपोर्ट

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बिजनौर।कुछ दिनों पहले एक बिजनौर के किरतपुर क्षेत्र के एक स्कूल हरचनपुर ढाकी में इस्लामिक विजन स्कूल में बच्चों को विवादित जाकिर नाईक की किताब इल्म उन नाफ़े को स्कूल में पढ़ाये जाने का मामला सामने आया था। अब इस मामले में स्कूल की मान्यता शिक्षा विभाग द्वारा खत्म की जा सकती है। इसके लिए बीएसए ने स्कूल से मिलें नोटिस के जवाब पर सहमति न जताते हुए कार्रवार्इ के लिए अधिकारियों को रिपोर्ट दाखिल की है।

यह भी देखें-https://www.youtube.com/watch?v=_pYJ2_E0lco

पहली आैर दूसरी कक्षा के बच्चों को पढ़ार्इ जा रही थी किताब

देश से फरार इस्लामिक धर्म गुरु जाकिर नाईक की किताब को एक स्कूल में पढ़ाये जाने का मामला बिजनौर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने आया था। इस मामले को लेकर पता चला था कि इस स्कूल में कक्षा पहली आैर दूसरी के बच्चों को ये किताब पढ़ाई जा रही है।इस किताब में जाकिर नाईक को विवादित न बताकर नायक के रूप में दिखाया गया है। बिजनौर बीएसए महेश चंद्र के निर्देश पर किरतपुर एबीएसए शिव कुमार ने अपनी टीम के साथ स्कूल में जांच की। उधर इस जांच को लेकर शिव कुमार ने इस मामले की जांच बिजनौर बीएसए को सौंप दी थी। बीएसए महेश चंद्र ने इस जांच को लेकर स्कूल प्रबंधक को नोटिस जारी कर इस प्रकरण में जवाब तलब किया था।

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प्रकाश में आने के बाद स्कूल को भेजा गया था नोटिस

इस मामले में बिजनौर बीएसए महेश चंद्र ने बताया कि समाचार पत्रों सहित अन्य चैनल में खबर चलने के बाद शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवार्इ करते हुए स्कूल को नोटिस जारी किया गया था ।साथ ही खबर छपने और चलने के बाद ये प्रकरण गृह मंत्री राजनाथ सिंह के संज्ञान में पहुँचा था। खुफिया एजेंसी द्वारा भी इस प्रकरण की जांच की गई है। जाकिर नायक की विवादित किताब को पढ़ाये जाने के मामले में स्कूल प्रबंधक से जवाब तलब किया गया था। जिसमें 7 दिन के अंदर स्कूल प्रबंधन को जवाब शिक्षा विभाग बिजनौर को दिया जाना था। स्कूल प्रबंधन द्वारा जो विभाग को जवाब भेजा गया है।उस जवाब से मैं संतुष्ट नही हूँ ।इस जवाब को लेकर मैंने शिक्षा विभाग बेसिक एडी मुरादाबाद को जवाब और स्कूल की मान्यता समाप्त करने के लिये एक लेटर और जवाब की कॉपी भेज दी है।बेसिक एडी द्वारा जो भी विभाग को अब निर्देश मिलेगा। उसी के आधार पर स्कूल के खिलाफ कार्रवार्इ की जाएगी।

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