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यूपी के सबसे अमीर सांसद की संपत्ति जब्त, कर्ज नहीं चुकाने पर बैंक ने की बड़ी कार्रवाई

बसपा सांसद मलूक नागर (MP Malook Nagar) के साथ उनके भाई राजवीर नागर की संपत्ति को कर्ज नहीं चुकाने पर बैंक ने जब्त कर लिया है। एसबीआई ने नोटिस जारी करते हुए 60 दिन के भीतर करीब साढ़े 53 करोड़ के भुगतान के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने भुगतान नहीं किया। एसबीआई ने नागर डेयरी के साथ मलूक नागर और राजवीर नागर की हापुड़ और मेरठ की संपत्ति को 9 दिसंबर को जब्त करने का दावा किया है।

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बिजनौर. यूपी के सबसे अमीर सांसद मलूक नागर (MP Malook Nagar) के साथ उनके भाई राजवीर नागर द्वारा बैंक का कर्ज नहीं चुकाने पर उनकी संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। एसबीआई ने विज्ञापन जारी करते हुए कहा है कि नागर डेयरी प्राइवेट लिमिटेड को कर्ज दिया गया था, जिसमें बसपा सांसद मलूक नागर और उनके भाई गारंटर थे। जून 2017 में एसबीआई ने नोटिस जारी करते हुए 60 दिन के भीतर करीब साढ़े 53 करोड़ के भुगतान के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने भुगतान नहीं किया। कर्ज का भुगतान नहीं करने पर एसबीआई ने बड़ा एक्शन लेते हुए नागर डेयरी के साथ मलूक नागर और राजवीर नागर की हापुड़ और मेरठ की संपत्ति को 9 दिसंबर को जब्त करने का दावा किया है। इस मामले में सांसद मलूक नागर का कहना है कि बैंक की कार्रवाई गलत है। मेरे भाई ने ही लोन लिया था, जिसमें मैं सिर्फ गारंटर ही था।

संपत्ति पर कब्जे की कार्रवाई के बाद एसबीआई ने सूचना जारी करते हुए कहा है कि इन संपत्तियों पर अब कोई भी लेन-देन नहीं करेें। उल्लेखनीय है कि बसपा सांसद मलूक नागर बड़े व्यवसायी भी हैं और नोएडा रियल एस्टेट के कई बड़े प्रोजेक्ट से भी जुड़े थे। हालांकि सांसद बनते ही उन्होंने रियल एस्टेट कंपनियों में पदों से इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में जब मलूक नागर ने बसपा प्रत्याशी के रूप में बिजनौर लोकसभा सीट से नामांकन किया था, तब वह यूपी के सबसे अमीर प्रत्याशी थे। उस समय उन्होंने 294 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई थी। साथ ही 101 करोड़ 61 लाख की देनदारी भी लिखा था।

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बसपा सांसद मलूक नागर बोले- बैंक से हो गया था सेटलमेंट

बैंक की कार्रवाई को लेकर बसपा सांसद मलूक नागर का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वह एक साल से डेयरी मैनेजमेंट में भी शामिल नहीं हैं। भाई राजवीर नागर ने ही बैंक से लोन लिया था, मैं तो सिर्फ गारंटर था। उन्होंने बताया कि राजवीर का 2018 और 30 नवंबर 2020 को बैंक से सेटलमेंट हो चुका है। उसके बाद ही 25 प्रतिशत धनराशि जमा की गई थी। बैंक ने बाकी राशि जमा करने के लिए समय दिया था, जिसके दस्तावेज भी राजवीर के पास हैं। उसके बावजूद बैंक की कार्रवाई गलत है। फिलहाल वह इस मामले में कानूनी सलाह ले रहे हैं। मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

किसकी कितनी संपत्ति बैंक ने जब्त की

बैंक ने बसपा सांसद मलूक नागर, उनके भाई राजवीर नागर और नागर डेयरी की जब्त संपत्ति का पूरा ब्योरा दिया है। जिसमें नागर डेयरी प्राइवेट लिमिटेड के नाम की आधा दर्जन संपत्तियां शामिल हैं। जबकि बसपा सांसद मलूक नागर के नाम पर दर्ज सात संपत्तियों को जब्त किया गया है। इसी तरह राजवीर सिंह नागर के नाम पर दर्ज दो संपत्तियों को बैंक ने कब्जे में लिया है।

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