
बिजनौर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद जिले के कई क्षेत्रों में हुई हिंसक घटना को लेकर डीएम ने प्रेसवार्ता की। न्यायालय व शासन की मंशा के अनुरूप हिंसा में सरकारी संपत्ति व प्राइवेट संपत्ति को नष्ट करने के मामले में बिजनौर एडीएम फाइनेंस अवधेश मिश्रा को नामित किया गया है। एडीएम द्वारा 43 व्यक्तियों को पहले नोटिस भेजकर उन्हें नामित अधिकारी के सामने प्रस्तुत होना पड़ेगा। इन लोगों से संपत्ति के हानि के मामले में वसूली की जाएगी। नहटौर में 39 लोगों को चिन्हित किया गया है। जबकि नगीना में चार लोगों को चिन्हित कर सरकारी संपत्ति और प्राइवेट संपत्ति को नष्ट करने के मामले में वसूली की जाएगी।
डीएम रमाकांत पांडे ने बताया कि जनपद में अभी धारा 144 लागू है और हमारे अधिकारी रात और दिन सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से सेक्टर मजिस्ट्रेट की टीम द्वारा अपनी ड्यूटी पर अलग-अलग क्षेत्रों में लगे हुए हैं। इन लोगों के साथ पुलिस के अधिकारी और पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से लगाए गए हैं। किसी भी व्यक्ति को इलाज व अन्य किसी भी तरह की समस्या होने पर हम उनकी मदद के लिए हमेशा तैयार हैं। हम मुस्लिम समाज के उलेमाओं, मौलानाओं और इमाम सहित अन्य समाज के बुद्धिजीवी लोग से अनुरोध करते हैं कि किसी भी विषय पर अपना विरोध प्रकट करना अलग बात है, लेकिन विरोध का हिंसक हो जाना या प्रेरित हो जाना।
प्रशासन द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता है। कोई भी विरोध कानून के संबंध में हो या जन सामान्य की संपत्ति सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करेगा। इस तरह का करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। नहटौर में हुई हिंसक के मामले में मजिस्ट्रेट इंक्वायरी की जा रही है। धामपुर एसडीएम को इसमें नामित कर पूरे घटना की जांच कराई जा रही है।अगर किसी व्यक्ति को अपनी बात रखनी है तो वह इस टीम से जाकर मिल सकता है। साथ ही जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हीं व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिन्हें सबूत और साक्ष्य के तहत चिन्हित किया गया है। अन्यथा किसी भी व्यक्ति को प्रशासन या पुलिस द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा।
Published on:
25 Dec 2019 06:43 pm
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