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मजूदरों के लिए किसान बने ‘मसीहा’, ट्रैक्टर पर बैठाकर घर पहुंचने में कर रहे मदद

Highlights: -बिजनौर जनपद से प्रवासी मजदूरो को भेजने का सिलसिला जारी है -मजदूरों की संख्या ज्यादा होने के कारण गंगा खादर इलाके में मजदूर फंसे हैं -इनको भारतीय किसान यूनियन के किसानों द्वारा ट्रेक्टर ट्रॉली से भेजा रहा है

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बिजनौर। लॉकडाउन बढ़ाये जाने को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा घोषणा होनी है। अब 54 दिन बाद एक बार फिर से चौथे चरण का लॉकडाउन सोमवार से शुरू होने जा रहा है। वहीं इस लॉकडाउन में बिजनौर जनपद से प्रवासी मजदूरो को भेजने का सिलसिला जारी है। लेकिन मजदूरो की संख्या ज्यादा होने के कारण अब भी गंगा खादर इलाके में फंसे मजदूरो को भारतीय किसान यूनियन के किसानों द्वारा ट्रेक्टर ट्रॉली से उन्हें बिजनौर मुख्यलय पर बने निजी क्वान्टरईन सेंटर पर छोड़ने की मुहिम किसानों द्वारा शुरू की गई है।

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लॉकडाउन को लेकर जहाँ सड़क और रेल हादसों में अब तक लगभग 40 मजदूरो की मौत हो चुकी है। तो सैकड़ों मजदूर इन हादसों में घायल भी हुए हैं। ऐसे में भी मजदूर बिना किसी साधन के पैदल और अन्य साधनों से अपने घरों की तरफ रुख करने को मजबूर है।बिजनौर के गंगा खादर क्षेत्र में फंसे मजदूरो को प्रशासन द्वारा सहायत ना मिलने पर भारतीय किसान यूनियन के नेता दिगम्बर सिंह किसानों की सहायत से प्रशासन से बातकर उन्हें बिजनौर में बने निजी बैंकेट हाल में पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

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किसान दिगम्बर का आरोप है कि कई बार प्रशासन को इन मजदूरो के बारे में सूचना दी गई। लेकिन इसके बावजूद भी इनकी कोई सुध नहीं ली गई। इसलिये इन्हें किसान अपने ट्रेक्टर से क्वान्टरईन सेंटर छोड़ने जा रहा है। साथ ही अगर इन मजदूरो को जिला प्रशासन द्वारा घर नहीं भेजा गया तो किसान अपने ट्रेक्टर से इन्हें जिले के बॉर्डर पर छोड़ेगा और वहाँ से उस बॉर्डर का किसान इन्हें दूसरे शहर के बॉर्डर पर छोड़ेगा। कोरोना होने के डर से किसान बिना डरे इन बेसहारा मजदूरो को घर पहुंचाएगा।