
पत्नी की अदला-बदली का दबाव बनाने का खौफनाक अंजाम। फोटो सोर्स-AI
Crime News: देहरादून सचिवालय में तैनात एक सफाईकर्मी ने अपने दोस्त की हत्या कर दी। आरोप है कि मृतक दोस्त आरोपी पर वाइफ स्वैपिंग के लिए दबाव बना रहा था। साथ ही उसकी पत्नी को लेकर अश्लील टिप्पणियां भी करता था। इन हरकतों से मानसिक रूप से परेशान होकर आरोपी ने यह खौफनाक कदम उठाया।
बिजनौर पुलिस ने मामले का खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी संदीप ने अपने दोस्त सुरेंद्र की हत्या की है। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ASP सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह के मुताबिक, 21 दिसंबर की शाम हरिद्वार–काशीपुर नेशनल हाईवे पर नजीबाबाद बाईपास के पास एक शव बरामद हुआ था। जांच में शव की पहचान सुरेंद्र सिंह के रूप में हुई, जो गांव हरचंदपुर, थाना नांगल का निवासी था। ASP सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया कि सुरेंद्र बीते कई सालों से देहरादून में रह रहा था।
उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह सुरेंद्र बाइक से अपने गांव हरचंदपुर पहुंचा था। उसके गांव आने की जानकारी उसके दोस्त संदीप, निवासी नालापानी रोड, थाना डालनवाला (देहरादून) को पहले से थी। तय योजना के तहत संदीप बस से पहले रुड़की, फिर हरिद्वार और उसके बाद मंडावली पहुंचा। मंडावली में उसकी मुलाकात सुरेंद्र से हुई। इसके बाद दोनों नजीबाबाद पहुंचे।
नजीबाबाद बाईपास पर सुनारोवाली के पास दोनों ने शराब पी ली। इसी दौरान संदीप ने ईंट से वार कर सुरेंद्र की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को जैकेट डालकर जलाने का भी प्रयास किया, लेकिन गश्त पर मौजूद दो सिपाही मौके पर पहुंच गए, जिससे आरोपी वहां से फरार हो गया।
आरोपी संदीप देहरादून सचिवालय में आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत है। पुलिस पूछताछ में संदीप ने बताया कि सुरेंद्र उसका पुराना दोस्त था, जिससे उसने करीब 80 हजार रुपये भी ले रखे थे। आरोप है कि सुरेंद्र उसकी पत्नी को लेकर अक्सर अश्लील टिप्पणियां करता था और वाइफ स्वैपिंग के लिए दबाव बनाता था। साथ ही सुरेंद्र की आपराधिक प्रवृत्ति के कारण संदीप खुलकर उसका विरोध नहीं कर पाता था। इन्हीं कारणों से परेशान होकर संदीप ने अपने दोस्त सुरेंद्र की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी संदीप ने क्राइम पेट्रोल देखकर हत्या के ऐसे तरीकों को बारे में सोचा, जिससे पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके। इसी वजह से वह रविवार को सुरेंद्र के साथ नजीबाबाद नहीं आया और सीधे रुड़की पहुंचा। यहां उसने अपने भाई की दुकान से सफेद जैकेट खरीदी। साथ ही उसने अपना फोन रुड़की में ही रख दिया। जिससे उसकी लोकेशन रुड़की में ही बनी रहे। पूरे मामले का खुलासा बिजनौर पुलिस ने किया है।
Updated on:
27 Dec 2025, 1:13 PM IST
Published on:
27 Dec 2025, 1:13 PM IST
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