
बिजनौर। महाशिवरात्रि के मौके पर शिवभक्तों की गूंज और कंधों पर रखी रंग-बिरंगी कांवड़ की खूबसूरती की झलक देखने को मिलती है। दूर-दराज से आए लाखों कांवड़ियाें का पहला पड़ाव जनपद के नजीबाबाद क्षेत्र के मोटा महादेव के मंदिर में होता है। यहां रास्ते की थकान उतारने के लिए ये कांवड़िया भैरो बाबा का सोटा लगवाना नहीं भूलते हैं। बताया जाता है कि यहां शरीर पर सोटा लगवाने से कांवड़ियों की थकान पल भर में दूर हो जाती है। आपको बता दें कि इस बार महाशिवरात्रि 13 और 14 फरवरी को दो दिन पड़ रही है।
मंदिर में थकान उतारते हैं कांवड़िए
यहां पर सावन हो या फाल्गुन, दोनो? शिवरात्रि ?? में शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर आते समय मोटा महादेव के मंदिर में अपनी थकान उतारते हैं। मंदिर में मत्था टेककर हर साल लाखों भक्त यहां मन्नत मांगते हैं। माना जाता है कि इस मंदिर में उनकी मुराद भी पूरी होती है।
मोटा महादेव मंदिर के नाम से हो गया प्रसिद्ध
यह मंदिर बिजनौर के नजीबाबाद इलाके के हरिद्वार राष्ट्रीय मार्ग पर सड़क किनारे मौजूद है। मंदिर के पुजारी शशिनाथ का कहना है कि सैकड़ों साल पहले साहनपुर रियासत की जमीन पर खुदाई के दौरान एक बड़ा शिवलिंग निकला था। लोगों ने वहीं पर शिवलिंग को स्थापित कर दिया। धीरे-धीरे यहां भक्तों की संख्या बढ़ने लगी। यह भी माना जाने लगा कि यहां सभी की मुरादें पूरी होती हैं। उस समय इस मंदिर का नाम भू-मोटा महादेव पड़ गया था। बाद में यह मोटा महादेव के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
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मंदिर में है भैराे बाबा का बड़ा सोटा
पुजारी शशिनाथ के अनुसार, इस मंदिर की एक यह भी खासियत है कि शिवभक्तों की थकान मिटाने के लिए यहां पर भैरो बाबा का एक बड़ा सोटा है। मंदिर के पुजारी की मानें तो अगर कोई भक्त इस मंदिर में जल नहीं चढ़ाता तो उसके साथ घर पहुंचते- पहुंचते हादसा हो सकता है। इस मंदिर में शिवभक्त लाइन लगाकर एक-एक करके भैरो बाबा का सोटा लगवाते हैं। उनमें महिलाएं भी मौजूद रहती हैं।
Published on:
12 Feb 2018 11:12 am
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