
सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण व डॉक्टर रोहिणी फोटो सोर्स पत्रिका
इंदौर की पीएचडी शोधार्थी डॉ. रोहिणी घावरी ने एक बार फिर नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लंबा पोस्ट लिखकर कहा कि गलत इंसान पर भरोसा करने से उनकी पूरी ज़िंदगी बर्बाद हो गई।
रोहिणी ने लिखा, “मुझे इस हद तक मजबूर कर दिया गया कि दो ही रास्ते बचे—या तो मर जाऊं या फिर लड़ाई जारी रखूं। मैंने मरने के बजाय लड़ना चुना, क्योंकि मेरी मौत से लोग उसे सही और मुझे गलत मान लेते।”
पीएचडी स्कॉलर ने पोस्ट में लिखा कि जिस उम्र में उन्हें शादी करके परिवार बसाना चाहिए था, उस समय वे इंसाफ की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा, “इस शख्स ने मेरी मासूमियत छीन ली। लोग अब मेरी छवि पर सवाल उठाते हैं। अब जिंदगीभर अकेले रहना पड़ेगा। मेरा भी सपना दुल्हन बनने का था। लेकिन अब सब खत्म हो गया।”
रोहिणी ने बताया कि विदेश में रहते हुए उन्होंने अवसाद और मानसिक तनाव झेला है। इसी वजह से दो बार आत्महत्या करने की कोशिश भी कर चुकीं। लेकिन मां-बाप के बारे में सोचकर खुद को रोक लिया।
उन्होंने लिखा, “मैं बचपन से बेदाग छवि में रही। इस पर भरोसा करके ही सब खो दिया। लोग मुझे अपमानित करते हैं। जब तक मैं चुप रही, यह शख्स मौज करता रहा। लेकिन जब विरोध करना शुरू किया तो बौखला गया।”
रोहिणी का कहना है कि जिस तकलीफ की वे हकदार नहीं थीं, वही उन्हें दी गई। वे कहती हैं कि अब उन्हें चैन तभी मिलेगा जब चंद्रशेखर को जेल भेजा जाएगा, ताकि उसे भी समझ आए कि अकेलेपन की जिंदगी कैसी होती है।
इससे एक दिन पहले भी रोहिणी ने X पर पोस्ट कर सांसद को चुनौती दी थी। उन्होंने लिखा था कि वे इतनी जल्दी मरेंगी नहीं बल्कि पहले उन्हें सज़ा दिलाकर ही दम लेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद विदेश से शराब मंगवाते थे और इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा पर भी सवाल उठाए थे।
वहीं, सांसद प्रतिनिधि विवेक सेन ने रोहिणी की पोस्ट को लेकर बिजनौर जिले की धामपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर सांसद की एक चाय पीते हुए वीडियो को शराब बताकर वायरल किया गया, जिससे उनकी छवि धूमिल हुई है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डॉ. रोहिणी ने पहले मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्होंने दिल्ली पुलिस अधिकारियों को कई बार सबूत दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, जब तक आत्महत्या का प्रयास नहीं करतीं, तब तक उनकी आवाज नहीं सुनी जाती।
Updated on:
29 Sep 2025, 9:14 AM IST
Published on:
28 Sep 2025, 3:30 PM IST
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