
'मिनी सीएम' रह चुका यह नेता भाजपा के 'राजा' को देगा टक्कर
बिजनौर। लोकसभा चुनाव के लिए मैदान सज चुका है। बिजनौर सीट पर प्रथम चरण में चुनाव होना है। 11 अप्रैल को इस सीट पर वोटिंग होगी। उसका परिणाम 23 मई को पता चलेगा। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सांसद कुंवर भारतेंद्र को मौका दिया है। कुंवर भारतेंद्र राजसी घराने से ताल्लुक रखते हैं। बसपा ने मलूक नागर को एक बार फिर से गठबंधन का प्रत्याशी बनाया है। आइए हम आपको कांग्रेस उम्मीदवार नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बारे में बताते हैं।
इस समय भी हैं बसपा एमएलसी
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बसपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी इस समय भी बसपा से एमएलसी हैं। मई 2017 में बसपा ने उन्हें निकाल दिया था। बसपा प्रमुख मायावती ने नसीमुद्दीन पर रुपयों के लेनदेन में गड़बड़ी का आरोप भी लगाया था। नियमानुसार अगर कोई पार्टी किसी को एमएलसी बनाती है। इसके बाद वह दल खुद उसको निकाल देता है तो एलएलसी पद बना रहेगा। इसी कारण से नसीमुद्दीन अभी दो साल और इस पद पर रहेंगे। इनका यह पद 10 जनवरी 2021 तक रहेगा। वह 2017 जनवरी में एमएलसी बने थे। उनको बसपा सरकार में मिनी सीएम भी कहा जाता था।
झांसी से किया है ग्रेजुएशन
नसीमुद्दीन सिद्दीकी का जन्म 4 जून 1959 को बांदा में हुआ है। उनके पिता कमरुद्दीन किसान थे। शुरुआती शिक्षा उन्होंने बांदा से ही की। वहां के डीएवी इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट करने के बाद उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से ग्रेजुएशन किया। फिर वह एलएलबी करने महमूदाबाद विश्वविद्यालय कानपुर चले गए। उनका निकाह हुस्ना सिद्दिकी से हुआ है और उनके दो बेटे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी होने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर के वाॅलीबाल प्लेयर भी रह चुके हैं।
राजनीतिक सफर
- नसीमुद्दीन राजनीति में आने से पहले रेलवे कांट्रेक्टर थे।
- उन्होंने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1988 में की थी।
- पहली बार बांदा से नगर निगम अध्यक्ष का चुनाव लड़े लेकिन हार गए।
- 1988 में बसपा में शामिल हो गए।
- 1991 में बांदा से बसपा के टिकट पर विधायक बने।
- 1993 में हुए चुनाव में उन्हें बांदा में हार मिली।
- 1995 में बसपा सरकार में नसीमुद्दीन कैबिनेट मंत्री बने।
- 2007 से 2012 की बसपा सरकार में भी नसीमुद्दीन कैबिनेट मंत्री बने।
- बसपा ने ही नसीमुद्दीन को विधानपरिषद भेजा था।
- मई 2017 में उन्हें बसपा से निकाल दिया गया था।
- फरवरी 2018 में नसीमुद्दीन ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
Published on:
29 Mar 2019 01:19 pm
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