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145 साल बाद बीकानेर में वल्लभकुल पीढ़ी का आचार्य तिलक

'राधे-राधे बरसाने वाली राधे...गोविन्द बोलो हरी गोपाल बोलो...' सरीखे जयकारों से माहौल भििक्तमय हो गया।

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Acharya Tilak

आचार्य तिलक

बीकानेर.'राधे-राधे बरसाने वाली राधे...गोविन्द बोलो हरी गोपाल बोलो...Ó सरीखे जयकारों से रविवार को माहौल भििक्तमय हो गया। यह अवसर था आचार्य तिलक समारोह के उपलक्ष्य में दाऊजी मंदिर से रतनबिहारी मंदिर तक गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा का।

दोपहर को दाऊजी मंदिर से रवाना हुई शोभायात्रा का रास्ते में कई स्थानों पर पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। इसमें रथ पर आगे-आगे वल्लभाचार्य महाराज सवार थे, उनके पीछे के रथ में बि_लनाथ महाराज सवार थे। इसमें बड़ी संख्या में वैष्णव सम्प्रदाय के श्रद्धालु महिला पुरुष शामिल हुए।

विधिविधान से हुआ तिलक संस्कार
शोभायात्रा के राज रतन बिहारी मंदिर पहुंचने पर अपराह्न 3:15 की शुभ मुहूर्त में पंडित राजेंद्र किराडू एवं पंडित गोपालनारायण व्यास के सान्निध्य में पुष्टिमार्गी वैष्णव वल्लभकुल की 20 वीं पीढ़ी के प्रतिनिधि के रूप में कामवन के पंचम पीठाधीश्वर वल्लभाचार्य महाराज के पुत्र बि_लनाथ (व्रजांग बाबा) का आचार्य तिलक किया गया। इस अवसर पर 108 ब्राह्मणों ने वेदघोष किया।

वैष्णवजनों ने आचार्य को केसर स्नान से चरण स्पर्श किया। वल्लभाचार्य महाराज ने बताया कि वल्लभकुल परिवार (पंचमगृह गुरुगृह ) को बीकानेर में स्थापित करने का 145 वर्षों बाद एक संयोग बना है। वल्लभकुल की 20 वीं पीढ़ी बीकानेर में अब स्थायी निवास करेगी एवं वैष्णव सृष्टि का मार्गदर्शन करेगी।

इनकी रही भागीदारी
तिलक समारोह को लेकर चाणक्य हर्ष, बृजभूण गोस्वामी, रसिकेन्द्र गोस्वामी, चिरंजीलाल पारीक, दिनकर गोस्वामी, छत्रपति व्यास, नटवर पुरोहित, नवल किशोर जोशी, सत्य नारायण सारस्वत, मुरारी पुरोहित, गिरिराज, शिवचंद चांडक, मनीराम, रमेश व्यास, नरेन्द्र अग्रवाल व पवन कुमारी चौधरी ने सक्रिय भागीदारी निभाई।


सैन जयंती पर 13 को होंगे धार्मिक आयोजन
बीकानेर. सैनजी महाराज की जयंती पर १३ अप्रेल को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठित युवा सैन समाज समिति की ओर से सैन जयंती की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। नीतिन मारू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सैन जयंती के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर, शोभायात्रा निकालने, सुंदरकांड पाठ आयोजित किए जाने का निर्णय किया गया।

समिति के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र मारू ने बताया कि सैन जयंती के पहले दिन १२ अप्रेल को सैन सदन सामुदायिक भवन, हरोलाई हनुमान मंदिर के पास, रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इसी क्रम में १३ अप्रेल २०१८ को सुबह आठ बजे शोभायात्रा का आयोजन रखा गया है।

शोभायात्रा सुथारों की बड़ी गुवाड़ से रवाना होगी। इसके बाद शाम को पांच बजे छप्पन भोग का आयोजन और इसके बाद रात्रि में सुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा। बैठक में कमल सैन, विजय कुमार वर्मा, तारा प्रकाश, हरिराम वर्मा आदि मौजूद थे।