‘घूमर’ नृत्य की प्रसिद्धि और ऐतिहासिकता का अनुमान इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इस नृत्य ने समय -समय पर टीवी पर प्रसारित हुए नाटक, हिन्दी फिल्मों में भी अपनी छाप छोड़ी है। प्रदेश में होने वाले हर छोटे-बड़े आयोजनों, अवसरों, शादियों, उत्सवों, पर्वों आदि पर घूमर का आयोजन होता है। वर्ष 2013 में हुए एक सर्वे में घूमर को विश्व का चौथा सबसे बड़ा ग्लोबल नृत्य का दर्जा मिला था।