
जलहौद की छत टूटी, पानी में गिरे डेढ़ दर्जन युवक
नोखा. रोड़ा गांव में गणगौर मेले के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया। जब पानी से भरे जलहौद की छत भरभरा कर गिर गई। जलहौद की छत पर खड़े करीब डेढ़ दर्जन लोग अंदर पानी में गिर गए। ग्रामीणों ने तुरंत सूझबूझ व साहस का परिचय देते हुए जलहौद के अंदर गिरे लोगों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार सोमवार को रोड़ा गांव में गणगौर की सवारी देखने के लिए पास में एक जलहौद की छत पर कुछ लोग खड़े थे। जलहौद पुराना होने के कारण उसकी छत पर खड़े लोगों का भार सहन नहीं कर पाई और छत भरभरा कर टूट गई।
इससे जलहौद छत पर खड़े डेढ़ दर्जन से अधिक लोग अंदर पानी में जा गिरे। हादसा होते ही हड़कप मच गया। वहां पर मौजूद ग्रामीणों ने जलहौद के अंदर उतरकर डूबते लोगों को बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही नोखा थानाधिकारी भगवान सहाय मीणा भी पुलिस जाब्ते के साथमौके पर पहुंचे और मौके पर मौजूद भीड़ को हटाकर राहत कार्य शुरू कराए।
विधायक ने मौके पर पहुंचकर ली सुध
गणगौर मेले में हुए हादसे की सूचना मिलते ही विधायक बिहारी लाल बिश्नोई भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां पर मौजूद लोगों से बातचीत कर जलहौद का पानी तुरंत खाली करवाया और जलहौद में गिरने वाले लोगों की कुशलक्षेम पूछी।
जलहौद में कम था पानी
जानकारी के अनुसार जिस वक्त यह हादसा हुआ। उस समय जलहौद में करीब साढ़े चार फीट पानी ही भरा था। कम पानी होने के कारण अंदर गिरने वाले लोगों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया। यदि जलहौद पूरा पानी का भरा होता, तो बड़ा हादसा भी घटित हो सकता था। जलहौद में गिरने वाले १५ से २० लोगों के मोबाइल खराब हो गए हैं। वहीं यह घटना प्रशासन की लापरवाही की ओर भी इशारा करती है कि त्योहारों के दौरान भरने वाले मेलों में सुरक्षा की व्यवस्था के इंतजाम पहले से नहीं किए जाते हैं।
Published on:
09 Apr 2019 10:27 am
