
दुर्घटना
महाजन. इसे काल का कहर माने या बदनसीबी। घर का जवान इकलौता बेटा गत १५ मार्च से घर नहीं लौटा है। एक भीषण सड़क हादसे में उसकी जीवन लीला समाप्त होने का अंदेशा है। हालांकि अभी तक हादसे में चार लोगों के मरने के आंकड़े जाहिर हुए है लेकिन परिजनोंं को अंदेशा है कि उनका पुत्र भी उस ट्रक में सवार था। विवशता का आलम यह है कि परिवार वालों ने महज एक शर्ट के टुकड़े को पहचान मानकर तमाम अंतिम क्रियाएं भी पूर्ण कर दी है।
यह दु:खद वाक्या सरदारशहर तहसील के हरदेसर गांव का है। गांव के सीताराम नाई का ३० वर्षीय इकलौता पुत्र भैराराम नाई आज तक घर नहीं लौटा है। गांव के ही भंवरदास स्वामी के साथ भैराराम गत माह जोधपुर गया था। दोनों वापस आते समय लूणकरनसर से अपने दोस्त ट्रेलर चालक राणीसर निवासी इंद्राज जाट के साथ बजरी से भरे ट्रेलर में १५ मार्च की रात को गांव के लिए रवाना हुए थे।
भैराराम के परिजनों ने बताया कि उसने रात को फोन कर बजरी से भरे ट्रेलर में आने की बात कही थी। यह ट्रेलर महाजन कस्बे में घुसते समय सामने से आ रहे सब्जी से भरे ट्रक से टकरा गया था एवं दोनों वाहन जलकर राख गए थे। वाहनों के अन्दर लोग भी चीखते-चिल्लाते हुए जिंदा जल गए थे। सब्जी वाले ट्रक में सवार चालक व खलासी एवं बजरी वाले ट्रेलर में सवार चालक इंद्राज जाट व हरदेसर निवासी भंवरलाल स्वामी के जिंदा जलने की पुष्टि ही हो पाई।
हालांकि मौके पर बजरी से भरे ट्रेलर में किसी तीसरे व्यक्ति के भी जिंदा जले होने की बात दबी जबान चली थी लेकिन पुलिस प्रशासन, जले अस्थि-पंजरों का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक व फोरेंसिक जांच टीम ने दोनों वाहनों में दो-दो लोगों के ही जिंदा जले होने की पुष्टि की।
महज एक शर्ट के टुकड़े के अलावा कोई साक्ष्य नहीं मिलने से भैराराम के परिजन पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर आंसू भरी आंखों से वापस गांव लौट गए। परिजनों ने भैराराम को मृत मानते हुए अपने घर पर मृत व्यक्ति के पीछे होने वाली तमाम क्रियाएं भी पूर्ण कर दी।
दोनों वाहनों में जले लोगों का डीएनए टेस्ट करवाने की प्रक्रिया चल रही है। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के बाद ही पुष्टि होगी कि दोनों वाहनों में कौन-कौन जिंदा जले है। फोरेसिंक टीम ने मौके पर ४ लोगों के जिंदा जलने की पुष्टि की थी।
विजेन्द्र सिल्ला, सीआई, महाजन
Published on:
15 Apr 2018 10:13 am
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