
Agricultural market
बज्जू. लाखों का राजस्व के रूप में कर जमा करवाने के बाद भी बज्जू कृषि मंडी विकास के नाम पर आगे बढ़ नही रही है और पीने के पानी के लिए मंडी के व्यापारी प्रशासन व सरकार के भरोसे प्यासे नजर आते हैं।
कस्बे से एक किलोमीटर बाहर रणजीतपुरा सड़क मार्ग पर करीब पांच वर्ष से भी ज्यादा समय से मंडी के सैकड़ों अपना व्यापार स्थापित करने के बाद यहां पानी के लिए हर मौसम में समस्या का सामना करना पड़ता है।
कृषि मंडी में कहने के नाम पर एक बड़ा जलहौद बना हुआ है,मगर आज तक मंडी के व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए मंडी प्रशासन ने इसकी सुध नही ली है जिसके चलते जलहौद भी जर्जर अवस्था में पहुंचने लगा है और व्यापारियों को पानी का जुगाड़ अपने स्तर पर टंकी व टैंकर से करना पड़ रहा है। $बज्जू कृषि मंडी के व्यापारियों ने बताया कि करीब एक दशक पहले वर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे नहरों के किनारे-किनारे गांवों का दौरा करने पहुंची थी उस समय बज्जू कृषि मंडी सुनसान थी,मगर जलहौद बना हुआ था और विशाल जनसम्मेलन को वसुंधरा राजे ने यहां सम्बोधन किया था उस समय इस जलहौद को पाईप लाईन से भरा था मगर बाद में पाईप लाईन को काट दिया गया जिसके बाद आज तक मंडी व्यापारी पानी की लाईन को जुड़वाने का प्रयास कर रहे है। कच्ची आढत व्यापार संघ अध्यक्ष भागीरथ ज्याणी व मंडी चैयरमैन खिंवसिंह भाटी ने बताया कि इस समस्या को लेकर एक बार फिर से प्रशासन को अवगत करवाया जाएगा। मांगीलाल भाम्भू ने बताया कि मंडी प्रशासन की लापरवाही के कारण आज मंडी के व्यापारियों को दर्जनों समस्याओं को लेकर झुझना पड़ रहा है और प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है।
संस्था प्रधानों की वाक्पीठ संगोष्ठी ३० व ३१ को
लूणकरनसर. यहां लूणकरनसर ब्लॉक क्षेत्र के समस्त राजकीय उच्च प्राथमिक व समस्त उत्कृष्ट प्राथमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों की दो दिवसीय वाक्पीठ संगोष्ठी ३० व ३१ जुलाई को राजकीय कुम्हारों को मोहल्ला स्कूल में आयोजित की जाएगी।वाक्पीठ सचिव मोहनलाल सुरेला ने बताया कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रेवन्तराम पडि़हान के अनुसार वाक्पीठ में विद्यालय प्रबन्धन, विद्यालय रिकार्ड संधारण, जेण्डर संवेदनशीलता, बालिका शिक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी।
Published on:
30 Jul 2018 12:32 pm
