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अब बच्चों को एक सितंबर से रोजाना मिलेगा दूध

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को एक सितंबर से रोजाना दूध पिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वाधीनता दिवस पर शिक्षा के क्षेत्र में कई घोषणाएं की थी।

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बीकानेर. प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को एक सितंबर से रोजाना दूध पिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वाधीनता दिवस पर शिक्षा के क्षेत्र में कई घोषणाएं की थी। इनमें अन्नपूर्णा दूध योजना के तहत सभी स्कूलों में एक सितंबर से कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में छह दिन दूध वितरित करना भी शामिल है। इसके लिए सरकार ने २०३ करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवाई है।
प्रदेश में अन्नपूर्णा दूध योजना एक जुलाई से शुरू की गई थी। इसके तहत सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को सप्ताह में तीन दिन दूध पिलाना शुरू किया गया।

अब सरकार ने सभी स्कूलों में अवकाश के अलावा अन्य दिनों में नियमित दूध वितरण की योजना शुरू की है। शिक्षकों ने बताया कि जिस स्कूल में एक या दो शिक्षक हैं, वहां रोजाना दूध पिलाने में काफी परेशानी होगी। दूध योजना शुरू होने के साथ ही शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। अब नियमित होने से पढ़ाई नाममात्र की रह जाएगी। पहले से ही पोषाहार देने में काफी समय बर्बाद हो रहा था। अब दूध भी रोजाना देने से परेशानी और बढ़ जाएगी। शिक्षकों ने बताया कि सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और विभाग को सूचित करने ही काफी समय लग जाता है।

दूध में लगते हैं दो घंटे
शिक्षकों ने बताया कि स्कूलों में बच्चों को दूध पिलाने में दो घंटे लगते हैं। पहले दूध गर्म किया जाता और बाद में इसे वितरित किया जाता है। इसके बाद बच्चे दूध पीते हैं और फिर बर्तन साफ करते हैं। इसमें काफी समय लग जाता है।

पंचायत स्तर पर हो काम
सरकार की दूध योजना बच्चों के लिए सुनहरी योजना है, लेकिन इससे शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। सरकार को इसे पंचायत स्तर पर देना चाहिए।
श्रवण पुरोहित, प्रदेश मंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ

एजेंसी से करवाएं दूध वितरण
नियमित दूध पिलाने से शिक्षण कार्य बाधित होगा। दूध वितरण कार्य एक एजेंसी के माध्यम से करवाया जाना चाहिए।
किशोर पुरोहित, प्रदेश संरक्षक, शिक्षक संघ (भगतसिंह)