
जिले के महाजन पुलिस थाना की जैतपुर पुलिस चौकी के हैड कांस्टेबल और दो सिपाहियों को दस हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। तीनों पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने पहले एक महिला के साथ परिवादी के अश्लील फोटो खींच लिए और बाद में मामले को रफा-दफा करने के लिए पचास हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
श्रीगंगानगर की एसीबी टीम ने आरोपितों के कब्जे से रिश्वत की राशि व फोटो आदि जब्त किए हैं। श्रीगंगानगर एसीबी प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि श्रीगंगानगर जिले के गांव उदयपुर गोदारान (सूरतगढ़) निवासी मुकेश कुमार जाट ने 24 दिसम्बर को रिपोर्ट दी थी। मुकेश ने बताया कि जैतपुर पुलिस चौकी के हैड कांस्टेबल शिवराम मीणा, कांस्टेबल राकेश कुमार स्वामी व कांस्टेबल देवीलाल मेघवाल इस मामले में रिश्वत मांग रहे हैं।
परिवादी ने बताया कि 22 दिसम्बर की रात को करीब एक बजे वह दोस्त पवन कुमार के साथ मोटरसाइकिल पर पल्लू जा रहा था। तभी एक निजी कार में सवार तीनों आरोपितों ने उन्हें रोक लिया व चौकी में लाकर एक महिला के साथ कपड़े उतारकर फोटो खींच लिए। साथ ही बाइक भी जब्त कर ली और उसके 10 हजार रुपए भी ले लिए। बाद में पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई नहीं करने व बाइक छोडऩे के लिए 50 हजार की रिश्वत मांगी।
एसीबी प्रभारी ने बताया कि 25 दिसम्बर को सत्यापन के लिए 45 सौ रुपए देकर परिवादी को भेजा गया, तो कांस्टेबल राकेश कुमार ने ले लिए। मामले में रविवार सुबह 10 हजार की रिश्वत देते हुए ट्रैप की कार्रवाई की गई। एसीबी टीम ने रिश्वत की राशि कांस्टेबल राकेश कुमार की जेब से बरामद कर ली। साथ ही साथी कांस्टेबल देवीलाल के मोबाइल से परिवादी व अन्य लोगों की महिला के साथ ली गई फोटो भी बरामद कर ली।
परिवादी की बाइक अवैध रूप से चौकी पर एक कमरे में मिली। इस दौरान महाजन सीआई दिगपाल सिंह भी मौके पर थे। शाम चार बजे बाद तीनों पुुलिसकर्मियों को एसीबी की टीम ने हिरासत में ले लिया और श्रीगंगानगर ले गई। टीम ने चौकी की चाबी महाजन सीआई दिगपाल सिंह को सौंपी है।
समय से पहले मिली थी पदोन्नति
रिश्वत प्रकरण के मुख्य आरोपित हैड कांस्टेबल शिवराम मीणा को समय से पहले पदोन्नत किया गया था। असल में 2-3 दिसम्बर-2014 को पंजाब की सुख्खा गैंग के लुटेरों को पकडऩे के लिए शिवराम मीणा को कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल पद पर प्रमोट किया गया था। हैड कांस्टेबल के रूप में आरोपित मीणा को पहली पोस्टिंग नापासर थाने में मिली थी। करीब दो-तीन माह पूर्व ही नापासर थाने से महाजन थाने की पुलिस चौकी का इंचार्ज बनाया गया था।
चला रखा था ब्लैकमेलिंग का धंधा
आरोप है कि आरोपित पुलिसकर्मी लम्बे समय से भोले-भाले लोगों को ब्लैकमेलिंग कर उनसे रुपए एेंठ रहे थे। आरोपित इस काम के लिए महिलाओं को अपने साथ रखते और उनके चंगुल में फंसे व्यक्तियों के फोटो महिला के साथ खींच लेते। इसके बाद वे उसे ब्लैकमेल करते।
Published on:
01 Jan 2018 08:43 am
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