राजस्थान का रण : एकतरफा वोट, उम्मीदों पर चोट

राजस्थान का रण : एकतरफा वोट, उम्मीदों पर चोट

dinesh swami | Publish: Sep, 04 2018 02:03:55 PM (IST) Bikaner, Rajasthan, India

बीकानेर. पिछले विधानसभा चुनाव में जिले के जिन बूथों पर वोटरों ने एकमत होकर एक ही पार्टी या प्रत्याशी के पक्ष में वोटिंग की उन्हें पांच साल में उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिले। एेसे में बात चाहे सत्तारूढ़ भाजपा की हो अथवा विपक्ष में कांग्रेस की। दोनों ही पार्टियों के पिछले विधानसभा चुनाव में वर्चस्व वाले बूथों पर इस बार स्थिति बदलती नजर आ रही है।


बीकानेर. पिछले विधानसभा चुनाव में जिले के जिन बूथों पर वोटरों ने एकमत होकर एक ही पार्टी या प्रत्याशी के पक्ष में वोटिंग की उन्हें पांच साल में उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिले। एेसे में बात चाहे सत्तारूढ़ भाजपा की हो अथवा विपक्ष में कांग्रेस की। दोनों ही पार्टियों के पिछले विधानसभा चुनाव में वर्चस्व वाले बूथों पर इस बार स्थिति बदलती नजर आ रही है।

राजस्थान पत्रिका ने प्रत्येक विधानसभा के कांग्रेस और भाजपा को सर्वाधिक वोट मिलने वाले बूथों की पड़ताल की। अधिकांश जगह वोटरों का कहना था कि उन्होंने प्रत्याशी को भरपूर वोट दिए। परन्तु पांच साल में उनकी सुध लेने कोई नहीं आया। ं कांग्रेस को वोट दिए पर सत्ता में नहीं आने से विकास की उम्मीद वैसे भी नहीं की जा सकती और भाजपा को वोट दिए पर उम्मीद के मुताबिक काम नहीं हुए।

 

वे बूथ, जहां कांग्रेस को मिले अधिक वोट
&जिन बूथों पर कमजोर रहे हैं, वहां पर 20 कार्यकर्ता एवं आईटी सेल को जिम्मेवारी सौंपी है। मेरा बूथ मेरा गौरव में डोर-टू-डोर पहुंचे हैं। जहां बढ़त थी, वहां और वोट बढ़ेंने की उम्मीद है।
यशपाल गहलोत, अध्यक्ष शहर कांग्रेस बीकानेर

 

वे बूथ, जहां भाजपा को मिले अधिक वोट
जिन बूथों पर भाजपा कमजोर है वहां ए, बी और सी ग्रेडेशन कर विशेष कार्ययोजना बनाई है। पार्टी उम्मीदवार को ६५ प्रतिशत से अधिक मत मिलेेंगे। पहले जहां बढत थी, वहां बनाए रखेंगे।
सत्यप्रकाश आचार्य, अध्यक्ष शहर भाजपा बीकानेर

 

विधानसभा क्षेत्र : बीकानेर पश्चिम

स्थिति : वार्ड 13 लगता है, इसमें सिक्को की मस्जिद, आदि गणेश मंदिर के पीछे का एरिया आता है। क्षेत्र की अखिला परवीन ने बताया कि पांच साल बीते लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। सीवरेज की स्थिति जस की तस पड़ी है, जनता की सुनवाई नहीं है। इस बार भी हमारे बूथ पर कांग्रेस के वोटों में इजाफा होगा।

स्थिति : वार्ड-22, गंगाशहर क्षेत्र वार्ड के भीखाराम मेघवाल ने बताया कि यह क्षेत्र आज भी विकास की राह तक रहा है। इस बार होने वाले चुनावों में भी हमारा बूथ पर कांग्रेस को पिछली बार से अधिक वोट पडऩे की उम्मीद है।

स्थिति : जोशीवाड़ा--वार्ड 12-13 वार्ड के गिरधर लाल जोशी ने बताया कि छोटे-छोटे काम भी नहीं हो रहे हैं। समस्या मुहं बाये खड़ी है। पार्षद स्वयं समस्या के समाधान के लिए जूझते रहते हैं। पांच साल बीतने के बाद भी हालात में ज्यादा बदलाव नहीं आया।

स्थिति : पारीक चौक क्षेत्र निवासी सूरज कुमार पांच सालों में हुए कार्यो से पूर्ण संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि क्षेत्र में काम हुए है लेकिन, उम्मीद से कम। लोग जनसमस्याओं से परेशान है। रामदेव मंदिर पारीक चौक के बूथ संख्या ४१ में गत चुनावों में भाजपा प्रत्याशी को ६१७ मत मिले थे। सूरज का कहना है कि इस बार क्षेत्र से भाजपा बढ़त को कायम रख पाएगी, यह कहना मुश्किल है।

स्थिति : पांच सालों का समय जरूर निकला है लेकिन, क्षेत्र की स्थिति जस की तस है। बेणीसर कुआ जुगल
भवन मतदान केन्द्र के भाग संख्या १०९ में गत विधानसभा चुनावों के दौरान मतदान करने वाली महिला संतोष देवी का कहना है कि बीते
पांच वर्षो में क्षेत्र में काम नहीं हुए है। न सड़के बनी है और ना ही नालिया। गोधों की समस्या बनी हुई है। नियमित सफाई का अभाव है। गत चुनाव में भाजपा इस बूथ से बढ़त में थी लेकिन, इस बार बढ़त को कायम रखेगी यह कहा नहीं जा सकता। यहां भावना में बहकर वोट दिए जाते रहे है।

 

भाजपा- कांग्रेस की स्थिति
बीकानेर पश्चिम विधानसभा में भाजपा के वर्चस्व वाले बूथों पर कांग्रेस घुसपैठ लगाने में कामयाब होती नजर आ रही है। वहीं पूर्व विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को राहत वाली स्थिति है। यहां भाजपा वर्चस्व वाले बूथों को लेकर पार्टी आश्वस्त है। वहीं कांग्रेस के वर्चस्व वाले बूथों पर भी भाजपा इस बार स्थिति बदलने के लिए प्रयास में है।

 

विधानसभा क्षेत्र : नोखा

स्थिति : पांचू के ओमप्रकाश के अनुसार क्षेत्र में एससी व मार्शल जाति का बाहुल्य होने के कारण कांग्रेस इसे वोट बैंक मानती है। भाजपा प्रत्याशी के चेहरे से समीकरण बदल भी सकते हैें। झाड़ेली के बूथ ५८ पर ९४७ वोट, जसरासर के बूथ ४९ पर ८६१ वोट व बूथ ५० पर ८३१ वोट की बढ़त कायम रखना चुनौती है।

स्थिति : कुदसू के गंगाशिकन करीर के अनुसार यहां चार बूथ है, गत विधानसभा चुनाव में यहां पर भाजपा को दो बूथ पर बढ़त मिली थी। इस बार चारों बूथों पर बढ़त मिल सकती है। यहां ७८ नंबर बूथ पर ३१९ वोट मिले। दोनों ही जगह भाजपा अपना वर्चस्व बचाने में और कांग्रेस व अन्य सेंध लगाने के प्रयास में जुटे है।

 

भजपा- कांग्रेस की स्थिति
ग्राउंड सर्वे के मुताबिक गत विधानसभा चुनाव में बूथ वार सर्वाधिक वोटों वाले बूथों की हम बात करे, तो स्थिति प्लस-माइनस होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। वैसे इन बूथों में जाट व एससी बाहुल्य मतदाता होने के साथ ही ये ग्रामीण अंचल के बूथ होने से यहां पर कांग्रेस का दबदबा रहा है और भाजपा लगातार सेंध लगा रही है।

 

विधानसभा क्षेत्र : बीकानेर पूर्व

स्थिति : महेश कुमार के अनुसार विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस अपनी पहली जीत के लिए प्रयास कर रही है। दो बार भाजपा से पराजय के बाद इस बार कांग्रेस आमजन की समस्याओं को उठाकर प्रयास कर रही है। इसके बावजूद इस बार कांग्रेस के इस बूथ पर वर्चस्व कायम रखना मुश्किल नजर आ रहा है।

स्थिति : सोहन सिंह के अनुसार क्षेत्रों में अभी भी कुछ समस्याएं जस की तस और लोग उनके निस्तारण का इंतजार कर रहे है। वहीं लोगों में इस बात की नाराजगी है कि विधायक जनता के बीच नहीं पहुंच रही है। सफाई, गोधे, कचरे के ढेर, सड़कों तक छाया अंधेरा, सीवरेज जाम की नाराजगी का असर वोटों पर पड़ेगा।

 

कांग्रेस की चुनौती
लोगों में भाजपा के प्रति नाराजगी बढ़ी है। इसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर मतदाताओं का मानना है कि कांग्रेस यहां कमजोर रही है। वर्तमान विधायक की टक्कर का उम्मीदवार उतारकर ही कांग्रेस आमजन का विश्वास जीत सकती है और जीत हासिल कर सकती है।

 

भाजपा की चुनौती
यहां जातीगत समीकरण भाजपा के पक्ष में रहे है। सिद्धि कुमारी राजपरिवार से होने का फायदा वोटों के रूपों में पार्टी को पिछले दो चुनाव में मिला है। अभी भी आकर्षण बरकरार है लेकिन वोटरों की बदलती सोच का प्रभाव पडऩे का खतरा मंडरा रहा है। प्रतिद्वंदी के चेहरे से ही परिणाम तय होंगे।

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