
सर्वोच्च न्यायालय की ओर से एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन को लेकर सोमवार को बीकानेर बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों के कचहरी परिसर में वकीलों पर हमले और पुलिस अधीक्षक के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के विरोध में मंगलवार को बार एसोसिएशन की आमसभा बुलाई गई।
इसमें अधिवक्ताओं ने पूरे घटनाक्रम के लिए पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें हटाने का प्रस्ताव पारित किया। साथ ही अनिश्चितकालीन न्यायिक कार्य बहिष्कार का निर्णय किया। अब आमसभा की बैठक सात अप्रेल को होगी, जिसमें आगमी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
आमसभा की अध्यक्षता बार एसोसिएशन अध्यक्ष संतनाथ योगी ने की। आमसभा में अधिवक्ताओं ने सोमवार को हुए घटनाक्रम पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान बीकानेर में उपद्रवी हालातों पर जिला पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा पूरी तरह से नाकाम रहे, उन्हें तुरंत प्रभाव से हटाया जाए।
अधिवक्ताओं पर हमला करने वाले उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जाए। आमसभा में भविष्य में किसी आंदोलन अथवा धरना-प्रदर्शन के दौरान एेसे हिंसक घटनाक्रम की रोकथाम के लिए कचहरी में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबश्त करने और पुलिस चौकी बनाने की मांग उठाई गई।
निंदा प्रस्ताव
जिला बार एसोसिएशन ने एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन को लेकर केन्द्र सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में पेश की गई पुनर्विचार याचिका का विरोध करते हुए केन्द्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव के खिलाफ बार संघ के उपाध्यक्ष जोगेन्द्र जोइया ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि पुनर्विचार याचिका एक कानूनी प्रक्रिया है।
मामला जाति समुदायों से जुड़ा हुआ है, ऐसे में निंदा प्रस्ताव पारित नहीं करना चाहिए। बैठक में अधिवक्ता मनोज कुमार भादाणी, सुरेन्द्रपाल शर्मा, अजय पुरोहित, आरके दास गुप्ता, अक्षयचन्द्र गोदारा, रविन्द्र कुमार चौधरी, मनीष व्यास, भागीरथ प्रसाद मान, कु. कुंदन व्यास आदि उपस्थित थे।
अभद्र टिप्पणी से रोष
सर्व समाज की ओर से सोशल मीडिया पर वर्ग विशेष के प्रति अभद्र टिप्पणी कर उकसाने के आरोपितों पर कार्रवाई की मांग का मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार सुरेश राव को ज्ञापन सौंप कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
Published on:
04 Apr 2018 08:38 am
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