
दुर्घटना
बीकानेर . बीकानेर के नौरंगदेसर गांव के पास शनिवार को सड़क हादसे में एयरफोर्स अधिकारी और उनकी पत्नी सहित चार जनों की मौत हो गई। हादसे में आठ जने घायल हो गए। उन्हें पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेन्टर में भर्ती करवाया गया है। घायलों में तीन जनों हालत गंभीर है। ऑटो में सवार लोग बीकानेर से श्रीडूंगरगढ़ शादी के लिए लड़की देखने जा रहे है।
नापासर थाना पुलिस के अनुसार कार में सवार एयरफोर्स अधिकारी देवप्रताप ङ्क्षसह और उनकी पत्नी प्रियंका कार से बीकानेर की ओर आ रहे थे। तभी कार नौरंगदेसर के पास श्रीडूंगरगढ़ की ओर जा रहे ऑटो रिक्शा से टकरा गई। टक्कर के बाद एयरफोर्स अधिकारी की कार अनियंत्रित हो गई और सड़क पर पलट गई। हादसे में कार सवार एयरफोर्स अधिकारी देव प्रताप (३०) और उनकी पत्नी प्रियंका (२६), जबकि ऑटो में सवार चुका पत्नी राजूराम तथा मीरा पत्नी बिश्नाराम की मौके पर ही मौत हो गई। ऑटो में १० लोग सवार थे।
ये हुए घायल
ऑटो में सवार बीकानेर निवासी कानाराम व उनकी पत्नी बाला (४०), कोमल (२) पुत्री राजूराम नायक, राकेश (२२) पुत्र लालाराम और राकेश का छोटा भाई धन्नाराम उर्फ धन्नू (७), राकेश की पत्नी रेंवती (२०) व उसकी मां पुष्पा नायक (४०), सोहन लाल (३५) पुत्र शंकर लाल नायक घायल हो गए।
लड़की देखने जा रहे थे
ऑटो रिक्शा में सवार दस जने बीकानेर से श्रीडूंगरगढ़ लड़की देखने के लिए जा रहे थे, लेकिन खुशी की राह में मातम छा गया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद नापासर पुलिस और राहगीरों ने घायलों को १०८ एम्बुलेंस और निजी वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया। घायलों की स्थिति देखने के लिए पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा सहित कई आला अधिकारी मौके पहुंचे।
झगड़ा करने की बात
पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि कार में एयरफोर्स अधिकारी और उनकी पत्नी झगड़ा कर रहे थे, लेकिन पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है। कार की पिछली सीट पर घरेलू सामान रखा हुआ था, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
चार सीट की स्वीकृति, दस जने सवार
नौरंगदेसर के पास हादसे का शिकार ऑटो रिक्शा में दस सवारियां बैठी हुई थी, जबकि ऑटो में चालक सहित चार सवारियों को बैठाने की अनुमति है। हादसे में ऑटो सवार दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे को लेकर भारतीय राष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट कर्मचारी फेडरेशन इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हेमन्त किराडू ने कहा कि हादसे के पीछे पुलिस प्रशासन की नाकामी झलकती है। कहने को हर चौराहे पर पुलिस मुस्तैद है, लेकिन हकीकत में पुलिस मुस्तैदी से काम नहीं कर रही है।
मदद को आगे आए
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मारवाड़ जन सेवा समिति के रमेश व्यास और हरिकिशन राजपुरोहित अपनी टीम के साथ पीबीएम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां घायल लोगों की मदद की।
Published on:
06 May 2018 08:16 am
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