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बीएसटीसी परीक्षा: बीकानेर जिले के 64 केन्द्रों पर होगी परीक्षा, चलेगी स्पेशल ट्रेन

गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा की ओर से 6 मई को दोपहर 2 से 5 बजे तक बीएसटीसी परीक्षा होगी।

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बीएसटीसी परीक्षा

बीएसटीसी परीक्षा आज ६४ केन्द्रों पर
बीकानेर. गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा की ओर से ६ मई को दोपहर २ से ५ बजे तक बीएसटीसी परीक्षा होगी। इसमें बीकानेर जिले में ६४ केन्द्रों पर करीब २१ हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारियों को लेकर केन्द्राधीक्षकों को निर्देश भी दिए गए है तथा हर केन्द्र पर एक ऑब्जर्वर लगाया गया है।

परीक्षा स्पेशल ट्रेन
बीकानेर. बीएसटीएसी परीक्षा को देखते हुए रेलवे रविवार को बीकानेर से अजमेर के बीच स्पेशल ट्रेन चलाएगा। ट्रेन एक फेरा लगाएगी। सीनियर डीसीएम अभय शर्मा के अनुसार ट्रेन संख्या 04737 बीकानेर-अजमेर परीक्षा स्पेशल छह मई को बीकानेर से रात 9:४० बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 08:45 बजे अजमेर पहुंचेगी। ट्रेन में 12 कोच होंगे। यह नोखा, नागौर, जोधपुर , पाली, मारवाड़ जक्शन, सोजत, ब्यावर होकर अजमेर पहुंचेगी।

ग्रीष्मावकाश में भी मिलेगा बच्चों को भोजन
बीकानेर. बीकानेर जिले के ४२ गांवों के स्कूलों में ग्रीष्मावकाश के दौरान भी मिड-डे मील दिया जाएगा। शासन सचिव हेमंत कुमार गेरा ने आदेश जारी किए हैं। आपदा प्रबंधन व सहायता विभाग की ओर से सूखाग्रस्त घोषित प्रदेश के ११ जिलों के १०५७ गांवों में स्कूलों में मिड-डे मील पकाया जाएगा। ग्रीष्मावकाश १० मई से १८ जून तक रहेगा।
विभाग ने बीकानेर जिले की तीन तहसीलों में ४२ गांवों को शामिल किया गया।

इनमें कोलायत, खाजूवाला, लूणकरनसर के सूखाग्रस्त गांव हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान ग्राम पंचायत के स्कूल खुले रहेंगे और स्कूलों में बच्चों को मिड-डे मील दिया जाएगा। वर्षा की कमी, सतही व भूजल उपलब्धता में कमी, कमजोर फसल एवं रिमोट सेसिंग आदि को ध्यान में रखते हुए सूखे के कारण अभावग्रस्त क्षेत्रों का आकलन कर जिला कलक्टर से प्राप्त गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान एफेक्टेड एरियाज में ११ जिलों के गांव शामिल हैं।

पहले ५२ गांव
साल २०१७ में बीकानेर जिले की तीन तहसीलों के ५२ गांवों को इस योजना मे शामिल किया गया था। इस बार रिपोर्ट में कुछ गांवों में सूखा नहीं होने से ४२ गांवों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। पिछले साल प्रदेश में ४१५१ गांव थे, जबकि इस साल १०५७ गांव सूखाग्रस्त घोषित किए गए हैं।