4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अब दो उपखंडों में हर महीने आएगा बिजली का बिल

ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को दो माह की बजाय हर माह बिजली बिल दिया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं पर एक साथ अधिक राशि जमा कराने का बोझ नहीं पड़ेगा। विद्युत निगम में इसकी कवायद शुरू हो गई है। डिस्कॉम प्रबंधन के निर्देश के बाद बीकानेर में भी दो उपखंडों का चयन किया गया था।
2 min read
Google source verification
Bikaner Discom

Bikaner Discom


बीकानेर. ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को दो माह की बजाय हर माह बिजली बिल दिया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं पर एक साथ अधिक राशि जमा कराने का बोझ नहीं पड़ेगा। विद्युत निगम में इसकी कवायद शुरू हो गई है। डिस्कॉम प्रबंधन के निर्देश के बाद बीकानेर में भी दो उपखंडों का चयन किया गया था।

इसमें नोखा व देशनोक शामिल हैं, जहां के उपभोक्ताओं को एक माह का बिल ही मिलेगा। यह व्यवस्था इसी माह से लागू होगी। दूसरे चरण में अन्य उपखंडों में यह व्यवस्था लागू होगी। बीकानेर जिलावृत्त में पहले चरण में देशनोक व नोखा (शहर) के कृषि, घरेलू व व्यवसायिक उपभोक्ताओं को एक माह का ही बिजली मिलेगा। इसके लिए विद्युत निगम ने तैयारी पूरी कर ली है। नोखा में ३० हजार और देशनोक में १० हजार उपभोक्ता हैं।

करोड़ों की रहती है बकाया
ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर बिजली बिलों के करोड़ों रुपए बकाया रहते हैं। इसकी वसूली में विद्युत निगम को मशक्कत करनी पड़ती है। इसके बाद भी रुपए बकाया रह जाते हैं। एक माह से बिल जारी होने के बाद उपभोक्ताओं को भी पैसे जमा कराने में ज्यादा मुश्किल नहीं होगी। साथ ही विद्युत निगम के राजस्व में वृद्धि होगी।

एक कॉल पर शिकायत
&बिजली संबंधी शिकायतें अब एक कॉल पर ही दर्ज होगी। इसके लिए विद्युत निगम ने टोल फ्री नम्बर जारी किए हैं। इसका नियंत्रण डिस्कॉम मुख्यालय से रहेगा। बीकानेर जिले में भी जल्द ही एक माह का बिल जारी किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। जोधपुर, हनुमानगढ़ में कई उपखंडों पर यह व्यवस्था शुरू कर दी है।
सुमेरसिंह यादव, प्रबंधन निदेशक, डिस्कॉम

ऊंट पालक लाभ से वंचित
बीकानेर. राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र की ओर से 'उष्ट्र दूध का संवर्धन एवं विपणन से आय बढ़ोतरीÓ विषयक दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सिरोही और उदयपुर के टीएसपी क्षेत्रों के उष्ट्र पालकों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक डॉ. एके पुरोहित थे। केन्द्र निदेशक डॉ. एनवी पाटिल ने कहा कि ऊंटनी के दूध की औषधीय उपयोगिता को देखते हुए निजी उद्यमी व प्रतिष्ठान इसका विपणन कर लाभ कमा रहे हैं और ऊंट पालक इस लाभ से वंचित हैं। विशिष्ट अतिथि काजरी के वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार पुरोहित ने भी विचार रखे। प्रशिक्षणार्थियों से प्रतिक्रियाएं ली गई व उन्हें प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार दिया गया।

बड़ी खबरें

View All

बीकानेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग