
कोलकाता में रेजीडेंट्स से मारपीट का बीकानेर में भी विरोध
बीकानेर. पश्चिम बंगाल में रेजीडेंट चिकित्सकों से हुई मारपीट को विरोध शुक्रवार को बीकानेर में भी किया गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के बैनर तले सभी चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। जिले के चिकित्सकों ने जिला कलक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में चिकित्सकों ने कलक्टर कुमारपाल गौतम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया। मेडिकल प्रैक्टिशनर्स सोसायटी बीकानेर के अध्यक्ष शशिकांत अग्रवाल ने घटना पर विरोध जताया है।
आइएमए के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा ने चिकित्सकों पर हमले को शर्मनाक बताया। बीकानेर सिटी ब्रांच अध्यक्ष डॉ. अबरार पंवार ने पूरे देश में चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग की, ताकि चिकित्सकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर लगाम लगाई जा सके। सचिव डॉ. नवलकिशोर गुप्ता, प्रवक्ता डॉ. सुनील हर्ष ने बताया कि बीकानेर आइएमए के आह्वान पर सभी सरकारी, गैर सरकारी और रेजिडेंट व इंटर्न चिकित्सकों ने शुक्रवार को काला दिवस मनाया और मरीजों के इलाज के समय काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करवाया।
सरकार सख्त कदम उठाए
रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विजय पूनिया ने कहा कि चिकित्सकों से आए दिन मारपीट की घटनाएं हो रही है। इन्हें रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिए और चिकित्सकों को सुरक्षा का माहौल उपलब्ध करवाए। प्रदर्शन में डॉ. बीडी शर्मा, डॉ. संगीता सेठिया, डॉ. जीएस जोशी, डॉ. लोकेश गुप्ता, डॉ. वैभव पंवार, डॉ. धर्मेन्द्र भांभू एवं स्टूडेंट यूनियन के छात्र शामिल थे।
यह है मामला
कोलकाता के नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में १० जून को इमरजेंसी में गंभीर बीमार ८५ वर्षीय व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर अस्पताल में हिंसा भड़क गई। घटना के कुछ देर बाद भीड़ ने मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में हमला कर दिया, इसमें दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक की हालत गंभीर है।
Published on:
15 Jun 2019 06:30 am
