
किसानों को भनक तक नहीं, बन गई हजारों गिरदावरियां
बीकानेर. जिस कृषि भूमि पर खरीफ की फसल हुई ही नहीं, उस खेत के मालिक के नाम बनी गिरदावरी में मूंगफली और मूंग की फसल होना दर्शाया गया है। लूणकरनसर तहसील के दर्जनों गांवों के किसानों के नाम एेसी ही हजारों फर्जी गिरदावरी जारी होने का मामला सामने आया है। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने फर्जी गिरदावरियां बनने की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर शैलेन्द्र देवड़ा को जांच का जिम्मा सौंपा है। मामले की जांच के बाद फर्जीवाड़े का खुलासा होगा। मंगलवार को करीब ४०-५० किसानों ने जिला कलक्टर से मिलकर इस फर्जीवाड़े का खुलासा करने की मांग की थी। बताया जाता है कि इस प्रकरण में लूणकरनसर सहित छतरगढ़, पूगल, खाजूवाला, श्रीकोलायत तथा बज्जू में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है।
अब नहीं मिलेगा मुआवजा
जिन किसानों के नाम गिरदावरियां बनाई गई है, उन्हें अब राज्य सरकार की ओर से आपदा राहत कोष के नाम मिलने वाली करीब १३,५०० रुपए की सहायता राशि नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं उन्हें फसल बीमा का लाभ भी नहीं मिलेगा। क्योंकि उनके खेत के नाम दर्शाई गई गिरदावरी में अच्छी फसल होना बताया गया है। हैरत की बात तो यह कि इस पूरे फर्जीवाड़े के खेल में संबंधित किसानों को भनक तक नहीं लगी। फर्जी गिरदावरी बनाने के बाद संबंधित लोगों ने उसका क्या किया यह तो जांच का विषय है। जिला प्रशासन की ओर से करवाई जाने वाली जांच में संबंधित पटवारियों पर भी गाज गिर सकती है, जिन्होंने बिना मौका देखे गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर दी थी।
जांच में खुलेगी पोल
फर्जी गिरदावरियां बनाकर किसानों के साथ छलावा हुआ है। इसमें पटवारियों और व्यापारियों की मिलीभगत होने की आशंका है। अर्जुनसर, मिठडि़या, चक भंवरिया, राणीसर, चक अर्जुनसर, रामबाग, सूरजपुरा, घसूरा, रणजीतपुरा हलके सहित पूगल, छतरगढ़ तथा खाजूवाला के सैकड़ों किसानों के नाम हजारों फर्जी गिरदावरियां बनी है। फर्जी गिरदावरियों के चलते सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान होने की आशंका है।
शंभू सिंह राठौड़, जिलामंत्री भारतीय किसान संघ, राजस्थान।
Published on:
23 Jan 2019 11:31 am
