
बैठक के दौरान उपस्थित जनप्रहरी
राजस्थान पत्रिका जनप्रहरी अभियान के तहत मंगलवार को बैठक का आयोजन हुआ। इस दौरान जनप्रहरीयों ने कहा कि हम गांव और शहरों की राजनीति में सकारात्मक बदलाव और सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं। पत्रिका कार्यालय में आयोजित हुई बैठक में शहर के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान जनप्रहरीयों ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और उनकी नियमित मॉनिटरिंग के लिए नागरिकों का जागरूक होना बेहद जरूरी है। बैठक में शहर की बदहाल सड़कों, कीचड़, सफाई व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को लेकर चिंता जताई गई। जनप्रहरियों ने कहा कि कुछ समय पहले मुख्यमंत्री के बीकानेर दौरे के दौरान जिस तरह विभिन्न क्षेत्रों में काम हुआ, उसी तरह नियमित रूप से शहर के विकास कार्य होने चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में सार्वजनिक सफाई अभियान चलाने की जरूरत है। समस्याएं लंबे समय से सामने हैं, लेकिन उनके समाधान की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आ रहा है। यदि विकास से जुड़े प्रस्तावित कार्यों में से 25 फीसदी काम भी प्रभावी ढंग से पूरा हो जाएं तो शहर में बदलाव स्पष्ट दिखाई दे सकता है।
सरकारी और नगर निकायों के ठेकों की शर्तों की हो मॉनिटरिंग
बैठक में सरकारी और नगर निकायों के ठेकों की शर्तों की मॉनिटरिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। जनप्रहरियों ने कहा कि करोड़ों और अरबों रुपए के ठेकों में काम की गुणवत्ता, समय सीमा और गारंटी से जुड़ी स्पष्ट शर्तें होती हैं। काम शुरू होने के बाद नागरिक यह सवाल नहीं करते कि कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुसार हो रहा है या नहीं। सड़क निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा गया कि सड़कों की पांच वर्ष की गारंटी होती है, लेकिन सड़क टूटने के बाद भी संबंधित एजेंसी या जिम्मेदार विभाग से सवाल नहीं किया जाता। बीकानेर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं के विकास पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए।
क्या बोले जनप्रहरी
काम हर रोज ही होना चाहिए
कोई पार्षद और चेयरमैन नही था। ऐसे में विकास कहा से होगा। कुछ समय पहले सीएम आए तो काम हुआ। क्यों न ऐसा काम हर रोज ही होना चाहिए। आमजन को कीचड़, टूटी सड़कों का सामान करना पड़ रहा है। पत्रिका भी मुद्दे लगातार उठाते रहे है आगे भी ऐसे ही आवश्यकता है। जनप्रहरी अभियान से इसलिए जुड़े क्योंकि मुद्दे उठ रहे है।
-अरुण व्यास, युवा नेता
मॉनिटरिंग नही हो रही
करोड़ो अरबों के ठेकों में भी शर्ते होती है। लेकिन हम जागरूक नही है। इसलिए इसकी मॉनिटरिंग नही हो रही है। काम चलता है तो हम ये नही पूछ रहे कि काम कैसे हो रहा है। सड़क की 5 साल की गारंटी होती है। लेकिन टूटने के बाद भी हम पूछते नही है।
आदर्श शर्मा, समाजसेवी
निगम का स्टेडियम होना चाहिए
खेल की बात करनी आवश्यक है। नगर निगम का खुद स्टेडियम होना चाहिए। समस्या की बात करे तो बदलाव हुआ ही नहीं। जो हालात पहले थे आज भी वो ही है। किसी ने काम नही किया।
दानवीर सिंह भाटी, खिलाड़ी
मूलभुत सेवाओं की कमी
शहर के कई इलाकों में मूलभुत सेवाओं की कमी है। तिलक नगर और अन्य कॉलोनियों में खेलों के विकास को लेकर भी सोचना चाहिए।
राजेंद्र राठौड़, कोच
शिक्षा को लेकर भी हो प्रयास
वार्डों में सफाई और स्वास्थ्य को लेकर अभियान चलाने की आवश्यकता है। इसके अलावा हर वार्ड में शिक्षा को लेकर भी कुछ न कुछ प्रयास करना चाहिए।
नारायण पुरोहित, सामजसेवी
सफाई की व्यवस्था अनिवार्य
राजनीति में अभी धरातल पर काम नही हो रहा है। टिकट के दौरान समस्या उठाने वाले को प्राथमिकता देना आवश्यक है। सफाई की व्यवस्था अनिवार्य है। कचरा गाड़ी समय पर नही आती है। जनता को भी इस वजह से काफी परेशानी होती है।
नंदकिशोर गहलोत, युवा
अच्छे प्रतिनिधि मिल सकेंगे
बारिश के दौरान नगर निगम के सामने सड़क पर पानी भर जाता है। जब निगम खुद नही कर सकता तो आगे क्या होगा। पत्रिका का अभियान सरहानीय है। इससे भविष्य में अच्छे प्रतिनिधि मिल सकेंगे।
-सुनील शर्मा, सेवानिवृत्त कर्मचारी
स्थिति चिंताजनक
कई सालों से वार्डों की स्थिति चिंताजनक है। अधिकारी मॉनिटरिंग नही कर रहे है। वार्डों की स्थिति नही सुधरी तो हम ओर पीछे हो जाएंगे। इसको लेकर प्रयास होना आवश्यक है। सभी मुद्दों को लेकर पत्रिका ने हमेशा आमजन की आवाज उठाई है।
राहुल जादुसंगत, युवा नेता
समस्याओं के समाधान को लेकर आए ये विचार
-ड्रेनेज सिस्टम का समाधान हो, कोऑर्डिनेशन आवश्यक।
-निगम सफाई टेंडर की पारदर्शिता होनी चाहिए और काम की मॉनिटरिंग हो।
-कचरा पॉइंट पर कचरा निस्तारण सही समय पर होना चाहिए।
-पिकनिक स्पॉट तैयार होना चाहिए।
-कई नाले ऐसे है जिनकी सफाई नही हुई, ये अनिवार्य।
-निगम के नाम खेल मैदान होना चाहिए।
Updated on:
26 Aug 2026 07:45 pm
Published on:
26 Aug 2026 07:45 pm
