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आज पूरे दिन कार्य बहिष्कार, पीबीएम अस्पताल की ओपीडी में भी नहीं देखेंगे मरीज

राइट टू हेल्थ बिल तथा जयपुर में प्रदर्शन कर रहे निजी चिकित्सकों पर किए गए पुलिस बल प्रयोग के विरोध में रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल समाप्त होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। बुधवार को तो सीनियर चिकित्सकों ने पूरे दिन कार्य बहिष्कार करने का फैसला किया है
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आज पूरे दिन कार्य बहिष्कार, पीबीएम अस्पताल की ओपीडी में भी नहीं देखेंगे मरीज

आज पूरे दिन कार्य बहिष्कार, पीबीएम अस्पताल की ओपीडी में भी नहीं देखेंगे मरीज

बीकानेर. राइट टू हेल्थ बिल तथा जयपुर में प्रदर्शन कर रहे निजी चिकित्सकों पर किए गए पुलिस बल प्रयोग के विरोध में रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल समाप्त होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। बुधवार को तो सीनियर चिकित्सकों ने पूरे दिन कार्य बहिष्कार करने का फैसला किया है।

अभी तक यह चिकित्सक सुबह दो घंटे कार्य बहिष्कार पर थे। उनके इस फैसले से बुधवार को चिकित्सा सेवाएं लगभग पूरी तरह चरमरा जाने के आसार हैं। इस संबंध में राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी को ज्ञापन भी दे दिया है। बिगड़ते हालात के बीच मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मंगलवार को विभागाध्यक्षों की बैठक ली। इधर, मंगलवार को पीबीएम अस्पताल में दो घंटे का कार्य बहिष्कार जारी रहा। चिकित्सकों ने अपने घरों पर भी मरीजों को परामर्श नहीं दिया।आज क्या होगा-क्या नहीं

बुधवार को चिकित्सक आउटडोर सामान्य बहिरंग, सामान्य ऑपरेशन एवं शैक्षणिक कार्य का बहिष्कार करेंगे। हालांकि, आपातकालीन आईसीयू एवं वार्ड में भर्ती मरीजों का इलाज जारी रहेगा। इसके अलावा स्वयं के आवास अथवा जांच केन्द्र पर डॉक्टर्स परामर्श बंद रखेंगे।

कॉलेज प्रशासन का दावाबुधवार को संभावित दिक्कतों के मद्देनजर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी ने अतिरिक्त प्राचार्यों तथा विभागाध्यक्षों की आपात बैठक बुलाई। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में कोई मरीज इलाज के आभाव में अस्पताल से नहीं लौटे। सभी मरीजों को चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जाए। विशेषकर आपातकालीन कक्ष एवं दुर्घटना पीडि़त मरीजों के संदर्भ में। सभी विभागाध्यक्ष यह भी देखेंगे कि इस दौरान विभागों में आपातकालीन व नियमित चिकित्सा सेवाएं जारी रहें। अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. अनिता पारीक के जिम्मे पर्यवेक्षण रहेगा। मरीजाें की विभिन्न तरह की जांचों के सैम्पल दोपहर एक बजे तक एकत्रित किए जाएंगे और सभी दवा वितरण केन्द्रों में दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था होगी।

मरीजों के देखने की यह रहेगी व्यवस्था

बैठक में डॉ. सोनी ने बताया कि मेडिसिन, गेस्ट्रोएन्ट्रोलोजी, न्यूरोलोजी, नेफ्रॉलोजी आदि के मरीज आपातकालीन वार्ड, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, नेत्र, ईएनटी, न्यूरोसर्जरी आदि के मरीज ट्रोमा सेन्टर, शिशु औषध के मरीज शिशु आपातकालीन, स्त्री रोग व प्रसूति के मरीज कमरा नंबर 107 व लेबर रूम तथा शेष मरीजों का सम्बन्धित सेन्टर में उपचार देने के निर्देश दिए गए। सभी विभागाध्यक्षों को विभाग में कार्यरत सभी इन्टर्न चिकित्सकों से कार्य लेने तथा विभागों के रेजिडेन्ट चिकित्सकों से वार्ता कर कार्य बहिष्कार को समाप्त करने के लिए समझाइश करने को कहा गया है। चौबीस घंटों के लिए 12 चिकित्सकों की इमरजेंसी ड्यूटी लगाई गई है। यह ड्यूटी बुधवार सुबह 9 बजे से गुरुवार सुबह 9 बजे तक रहेगी।

जिला अस्पताल में आज बहिष्कारजिला अस्पताल में भी बुधवार को चिकित्सक कार्य बहिष्कार करेंगे। इस संबंध में चिकित्सकों ने अस्पताल के अधीक्षक डॉ. प्रवीण चतुर्वेदी को ज्ञापन देकर बुधवार को कार्य बहिष्कार की जानकारी दी है।