बीकानेर थिएटर फेस्टिवल : तीसरे दिन हुए छह नाटकों का मंचन, रंग-संवाद भी हुआ

बीकानेर थिएटर फेस्टिवल : तीसरे दिन हुए छह नाटकों का मंचन, रंग-संवाद भी हुआ

 

By: Atul Acharya

Published: 07 Mar 2020, 06:09 AM IST

बीकानेर. अनुराग कला केंद्र, विरासत संवर्धन संस्थान, उत्तर पश्चिम रेलवे साहित्य संस्कृति एवं ललित कला संस्थान, बीकानेर मंडल, होटल मिलेनियम एवं आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के संयुक्त तत्वावधान में बीकानेर में बीकानेर थिएटर फेस्टिवल 2020 के तीसरे दिन शुक्रवार को छह नाटक मंचित किए हुए। सुबह १० बजे हंशा गेस्ट हाउस में रंग संवाद का आयोजन किया गया। इस रंग संवाद के अंतर्गत एनएसडी के चेयरमेन डॉ अर्जुन देव चारण और लेखक राजेंद्र जोशी द्वारा भरतमुनि के नाट्य शास्त्र के संबंध में सार्थक संवाद स्थापित किया गया। इसके अलावा इन नाटकों में दर्शकों को भी गुदगुदाया। शुक्रवार को हुए छह नाटक में दर्शकों को समाज में कई तरह संदेश दिए गए।

नायक को निर्मोही व्यास नाट्य सम्मान

अनुराग कला केंद्र की ओर से निर्मोही व्यास नाट्य सम्मान गोवा के वरिष्ठ रंगकर्मी विजय नायक को दिया गया। इस अवसर पर कमल अनुरागी, डॉ. अर्जुन देव चारण, साहित्यकार डॉ. नंदकिशोर आचार्य, सुधेश व्यास इत्यादि ने नायक को ग्यारह हजार रुपए की राशि, शॉल, साफ ा, श्रीफ ल, सम्मान पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
तीसरे दिन इन नाटकों का हुआ मंचन


थैंक यू दादाजी
फेस्टिवल के समन्वयक विजयसिंह राठौड़ ने बताया कि हंशा गेस्ट हाउस में विजय नायक के नाटक थैंक यू दादाजी का मंचन किया गया। अकेलेपन से जूझते हुए एक वृद्ध की सशक्त मार्मिक कहानी का नाट्य रूपांतरण किया गया है। इसमें बदलते हुए सामाजिक संरचना में रिश्तों में खोखलापन नजर आया है। फ्रंट सिस्टम में आने के बाद खानदान समेटने लगा है। रिश्तों में दूरियां बनने लगी है।

'थ्रस्टी क्रो रिटन्र्सÓ
दूसरे नाटक रेलवे ऑडिटोरिय में दोपहर २.३० बजे सुवोजित बंधोपध्याय के निर्देशन में 'थ्रस्टी क्रो रिटन्र्सÓ का मंचन हुआ। नाटक में पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश मनोरंजनत्मतक रूप में किया है। इसमें जंगल के कई जानवर में कई तरह की वेशभूषा के साथ थ्रस्टी क्रो व अन्य जानवरों के बीच संवाद हुआ। इस बीच थ्रीस्टी क्रो पानी की तलाश के साथ संघर्ष की व्यथा बताई गई।

अल्फ ाज ए इस्मत

तीसरे नाटक में टाउन हॉल में मंचित नाटक अल्फ ाज ए इस्मत में निर्देशक अभिषेक मुद्गल, जयपुर ने इस्मत चुगतई की कहानी को बहुत ही सार्थक और सशक्त रूप से उजागर किया है। इसमें तीन कहानियां दिखाई गई। जिसमें उत्तरप्रदेश के किसी इलाके में मुगलों के तथाकथित वारिस बस गए थे। उनके ही किसी वंशज की शादी पड़ोस के किसी जमींदार खानदान की लड़की से कर दी गई। निहायत ही गोरी लड़की से बहुत ही काले वारिस का निकाह हो गया। इन्ही गोरी बी और काले मियां की शादी और उसमें मौजूद विसंगतियों के हवाले किया। वहीं दूसरी कहानी में १९४२ में जब अदाब ए लतीफ में पहली बार छपी तो इस्मत को कोर्ट केस भी लडऩा पड़ा। इस कोर्ट केस में इस्मत की जीत हुई थी।

मैडबेथ
फेस्टिवल के व्यवस्था प्रभारी विकास शर्मा ने बताया कि शेक्सपियर के चर्चित नाटक 'मैडबेथÓ का मंचन मुंबई के रूपेश टिल्लू के निर्देशन में टीएम ऑडिटोरियम में प्रयोग शैली में प्रस्तुत कर दर्शकों की अच्छी दाद निर्देशक को मिली।

आखिरी खेल

अमित सोनी ने बताया कि 'आखिरी खेलÓ नाटक मस्ती भरा असंगत शैली का अभिनव नाटक है। दीपक पारीक द्वारा निर्देशित इस नाटक का मंचन टीएम ऑडिटोरियम में हुआ। इस नाटक में निराशा की भावना इस तथ्य से बढ़ जाती है कि पात्रों को नाटक में मृत्यु के अलावा किसी ओर चीज की प्रतीक्षा नहीं है। नाटक में जीवन में मृत्यु और मृत्यु में जीवन शामिल है। नाटक में पात्रों को दो इन्द्रियों को प्रस्तुत किया जाता है।

उरूभंगम

रवींद्र रंगमंच पर जम्मू के नाटक उरूभंगम का मंचन अभिषेक भारती के कुशल निर्देशन में हुआ। इस संस्कृत नाटक में महाभारत के पात्र दुर्योधन की उरू को भीम की ओर से तोडऩे के दृश्य से शुरू होता है। युद्ध के अंतिम चरण में वह सरोवर की तलहटी में विश्राम कर रहा है। नाटक का विषय वीर रस और युद्ध भुमि से ही संबंध रखता है। नाटक में यह समझाने सफल रहता है कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।


आज चार नाटकों का मंचन
फेस्टिवल के मीडिया कॉआर्डिनेटर गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि सुबह ११.४५ बजे बीकानेर जिला उद्योग संघ में कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसके अलावा दोपहर २.३० बजे रेलवे ऑडिटोरियम में ब्रजेन्द्रसिंह राजपूत के निर्देशन में जबलपुर के नाटक हास की लाई सुन्न का मंचन, शाम ४.३० बजे टाउन हॉल में सुरेश आचार्य के निर्देशन में बीकानेर का नाटक हेलो मिस्टर परसाई का मंचन, शाम ६ बजे रविन्द्र रंगमंच में आनंद कुमार पांडे के निर्देशन में छत्तीसगढ़ का नाटक विसेंट का मंचन तथा रात ८ बजे टीएम ऑडिटोरियम में सौरभ श्रीवास्तव के निर्देशन में जयपुर का नाटक एक एक्टर की मौत का मंचन होगा।

Atul Acharya Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned