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BRIBE CASE: खनिज अभियंता ने अपने ससुर के नाम से बना रखे थे बैंक में लॉकर

ACB ने गिरफ्तार किए खनिज अभियंता विजयशंकर व उसके ससुर के बैंक लॉकरों की जांच की।

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Bribe case

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बीकानेर . खनन व्यापारियों से बंधी लेने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किए खनिज अभियंता विजयशंकर व उसके ससुर के बैंक लॉकरों की मंगलवार को जांच की गई। आरोपित के ससुर के बैंक लॉकर से लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात व जमीन संबंधी कागजात मिले हैं। आरसीपी स्थित एसबीआइ शाखा में लॉकर ससुर के नाम से था और इसमें संपत्ति आरोपित विजयशंकर की पाई गई, जिसे जब्त कर लिया गया है।

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एएसपी रजनीश पूनिया ने बताया कि मंगलवार को एक लॉकर एसबीआइ की आरसीपी कॉलोनी शाखा और दूसरा लॉकर एसबीआई की उदासर शाखा में खोला गया। आरसीपी कॉलोनी की शाखा में लॉकर आरोपित के ससुर के नाम था। इसमें सवा छह सौ ग्राम सोना तथा करीब पौने तीन किलो चांदी के आभूषण मिले हैं।

इसमें एक किलो चांदी की सिल्ली व चांदी के सिक्के भी शामिल हैं। बीछवाल आवासीय योजना के दो भूखंडों के दस्तावेज भी मिले हैं। उदासर शाखा से कुछ खास सामान नहीं मिला है। आरोपित ने अपने ससुर के नाम से बैंक में लॉकर ले रखा था और उसमें संपत्ति खुद की रख रहा था।

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बिल मिले
आरसीपी कॉलोनी शाखा के लॉकर में सोमवार को मिले तीन सौ ग्राम सोना तथा 1400 ग्राम चांदी के जेवरात के बिल मिल गए हैं। पूनिया ने कहा कि आरोपित की अपनी पत्नी व ससुर के नाम और कहां चल-अचल संपत्तियां है, इसका पता लगाया जा रहा हैं। आरोपित को रिमांड खत्म होने पर बुधवार को फिर न्यायालय में पेश किया जाएगा।

दीपक व मुकेश मास्टरमाइंड के खास
अलवर में पदस्थापित खनिज अभियंता को बंधी देने बीकानेर आए दलाल दीपक व मुकेश मास्टर माइंड रामावतार के खास आदमी हैं। ये दोनों व्यापारियों से वसूली करने के साथ अधिकारियों को राशि पहुंचाने का काम करते हैं। एसीबी टीम ने दोनों से रामावतार के ठिकानों के बारे में पूछताछ कर रही है। रामावतार के साथ इस धंधे में शामिल अन्य लोगों के बारे में भीपता लगाया जा रहा है।

घर मिली सरकारी नोटशीट
एएसपी पूनिया ने बताया कि खनिज अभियंता विजयशंकर नागौर, जालोर व बाड़मेर में पदस्थापित रहा। वहां से ट्रांसफर होने के बावजूद उसने ऑफिशियल नोटशीट को जमा नहीं कराया और घर ले आया, जो संदेह के घेरे में हैं। आरोपित का रिकॉर्ड बेहद खराब है।

अब तक किसी ने लिखित शिकायत नहीं की है, लेकिन कई खनन व्यापारियों ने दूरभाष पर इसके कारनामों को उजागर किया है। एसीबी की अब तक की जांच-पड़ताल में पता चला है कि खनिज अभियंता के पास पांच-छह करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है।