
cashless village in bikaner
जिले में विभिन्न बैंकों ने लगभग एक दर्जन गांवों को कैशलेस बनाने की पहल की है। इसके साथ ही वित्तीय साक्षरता के लिए ई-चौपालों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
जिला कलक्टर वेदप्रकाश की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैंक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय किए गए।एसबीबीजे के उपमहाप्रबंधक राकेश कौशल ने बताया कि जिले में लगभग 700 पोस मशीनें लगाए जाने के आवेदन प्राप्त हुए हैं। शीघ्र ही मशीनों का आवंटन कर दिया जाएगा।
बैंक की ओर से गांव गीगासर, बुधरों की ढाणी, रायसर और खियेरां को कैशलेस बनाने की योजना तैयार की गई है। साथ ही सोमवार को ऑटो रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों को ई-वॉलेट (ई-बडी) डाउनलोड करने तथा इसके उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
बैठक में एसबीबीजे के सहायक महाप्रबंधक रवि भटनागर, आईसीआईसीआई के गोपालसिंह तथा लीड बैंक अधिकारी जितेन्द्र माथुर भी उपस्थित रहे।ई-चौपालों का होगा आयोजनबैंक ऑफ बड़ौदा के उपमहाप्रबंधक पीयूष नाग ने बताया कि गुसांईसर बड़ा और अणखीसर को कैशलेस गांव बनाने की दिशा में बैंक पहल करेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में ई-चौपालों का आयोजन भी किया जा रहा है। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक मुकेश यादव ने बताया कि एसबीआई ने कक्कू, बरसिंहसर और रोड़ा को कैशलेस गांव बनाने के लिए प्रयास शुरू किए है।
बैंक ने रेलवे स्टेशन पर 7 पोस मशीनें भी लगाई हैं। बड़ौदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ने ठुकरियासर और राजस्थान मरूधरा ग्रामीण बैंक ने बीकमपुर को कैशलेस गांव बनाने का कार्य हाथ में लिया है।
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