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ग्रीनलैंड के PM ने कहा- हमें अमेरिकी कब्जा स्वीकार नहीं, यह सुनकर बौखला उठे ट्रंप, बोले- अब तो उन्हें…

ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया और इसे हासिल करने की इच्छा जताई। ग्रीनलैंड के पीएम नीलसन ने कहा कि वे डेनमार्क के साथ रहना चाहते हैं।
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भारत

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Mukul Kumar

•

Updated: 14 Jan 2026, 8:54 AM IST

Donald Trump

Donald Trump (Photo - Washington Post)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को अपने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं और इसे हासिल करने के लिए बार-बार अपनी इच्छा जता चुके हैं।

उनका कहना है कि ग्रीनलैंड पर रूस और चीन की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए अमेरिका को इसका नियंत्रण लेना होगा।

इस पर ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने साफ कह दिया है कि वह अमेरिका के बजाय डेनमार्क के साथ ही रहना चाहते हैं। इस बयान को लेकर ट्रंप बौखला गए हैं। उन्होंने ग्रीनलैंड के पीएम को सीधी चेतावनी दे डाली है।

मैं नहीं जानता कौन हैं ग्रीनलैंड के पीएम- ट्रंप

ट्रंप ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह ग्रीनलैंड के पीएम के बयान से असहमत हैं। इसके साथ उन्होंने कहा कि वह उन्हें नहीं जानते।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा- मुझे नहीं पता कि वह कौन हैं। उसके बारे में मैं कुछ नहीं जानता। लेकिन अब ग्रीनलैंड के पीएम को बड़ी समस्या होने वाली है।

बता दें कि कोपेनहेगन में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए नीलसन ने कहा कि स्वायत्त आर्कटिक क्षेत्र डेनिश बने रहना पसंद करेगा।

उन्होंने कहा- हम अब एक भू-राजनीतिक संकट का सामना कर रहे हैं और अगर हमें अभी और यहीं अमेरिका-डेनमार्क के बीच चुनना है, तो हम डेनमार्क को चुनेंगे।

ग्रीनलैंड में अमेरिकी कब्जा स्वीकार नहीं

द्वीप की गठबंधन सरकार ने कहा- अमेरिका ने एक बार फिर ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की अपनी इच्छा दोहराई है। यह कुछ ऐसा है जिसे ग्रीनलैंड में सत्तारूढ़ गठबंधन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं कर सकता है।

इसमें आगे कहा गया- ग्रीनलैंड नाटो का सदस्य है और इसलिए ग्रीनलैंड की रक्षा नाटो के माध्यम से होनी चाहिए। उधर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो बुधवार को व्हाइट हाउस में डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ एक बैठक करने वाले हैं।

दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है ग्रीनलैंड

बता दें कि ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है। यह डेनमार्क के अंदर एक स्व-शासित क्षेत्र है। अमेरिका का नाटो भागीदार है। डेनिश और ग्रीनलैंडिक दोनों नेताओं ने बार-बार इस सुझाव को खारिज कर दिया है कि द्वीप को बेचा या मिलाया जा सकता है।

इससे पहले शनिवार को, ट्रंप ने खुलकर कहा था कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड में कोई कार्रवाई नहीं करता है, तो रूस और चीन इसमें कूद पड़ेंगे और वाशिंगटन उन्हें पड़ोसी के रूप में नहीं रखना चाहता है।

जब ट्रंप से आइलैंड के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- हम ग्रीनलैंड को लेकर गंभीर हैं, चाहे उन्हें यह पसंद हो या न हो क्योंकि अगर हम ऐसा नहीं करेंगे, तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेंगे। मैं आसानी से डील करना चाहता हूं, लेकिन अगर हम इसे आसानी से नहीं कर पाए, तो हम इसे मुश्किल तरीके से करेंगे।