
चन्द्रमा को लगा ग्रहण, हुए भजन-कीर्तन, हवन में आहुतियां
वर्ष 2022 का दूसरा व अंतिम खग्रास चंद्र ग्रहण मंगलवार को रहा। बीकानेर में 30 मिनट तक चंद्र ग्रहण की िस्थति रही। उत्सुक लोगों ने इस खगोलीय घटना को अपनी आंखों से भी देखा। वहीं श्रद्धालु लोगों ने घरों, मंदिर परिसरों, बगीचियों, सार्वजनिक स्थलों पर भजन, कीर्तन, मंत्र जाप, माला जाप किए। धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन किया। मंत्रोच्चार के बीच हवन में आहुतियां दीं। ग्रहण के मोक्ष के बाद स्नान किया व दान-पुण्य किए। बीकानेर में शाम 5.49 बजे से 6.19 बजे तक चंद्र ग्रहण रहा। इसका सूतक ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले ही शुरू हो गया। सूतक काल में शहर के मंदिरों के कपाट खुले रहे। शुभ एवं मांगलिक कार्य निषेध रहे। ग्रहण के दौरान भी कई मंदिरों के मंदिरों के कपाट खुले रहे। अधिकतर मंदिरों के कपाट बंद रहे।ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार मंगलवार को खग्रास चंद्र ग्रहण भारत सहित विश्व के कई देशों में दिखाई दिया। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण स्पर्श दोपहर 2.39 बजे व मोक्ष शाम 6.19 बजे हुआ। बीकानेर में मंगलवार को चंद्रोदय का समय शाम 5.49 बजे होने से ग्रस्तोदय चंद्रग्रहण इस समय से दृश्यमान हुआ। मोक्ष शाम 6.19 बजे होने पर बीकानेर में चंद्र ग्रहण का समय 30 मिनट रहा।
स्नान कर किए दान-पुण्य
चन्द्र ग्रहण के दौरान हुए भजन, कीर्तन व हवन के बाद ग्रहण मोक्ष के बाद श्रद्धालु लोगों ने स्नान कर दान-पुण्य किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु लोग कोलायत पहुंचे। ग्रहण मोक्ष के बाद कपिल सरोवर में स्नान किया। कपिल मुनि मंदिर में दर्शन कर तालाब में दीपदान किया। महाआरती की। जरुरतमंद लोगों को अन्न व वस्त्र का दान किया। गायों को हरा चारा, गुड खिलाया गया। जरुरतमंद लोगों को भोजन करवाया गया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों मे दर्शन किए।
Updated on:
08 Nov 2022 09:46 pm
Published on:
08 Nov 2022 09:46 pm
