अब साइबर क्राइम के बाद ठगी का नया जरिया बनी डाक

अब साइबर क्राइम के बाद ठगी का नया जरिया बनी डाक

jay kumar bhati | Publish: Sep, 16 2018 10:58:07 AM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 10:58:08 AM (IST) Bikaner, Rajasthan, India

महाजन. साइबर क्राइम के प्रति लोगों में जागरूकता बढऩे व लॉटरी आदि के नाम पर ठगी के तरीके पुराने होने के बाद अब डाक के माध्यम से पत्र भेजकर ग्रामीणों को ठगने का नया तरीका निकाला गया है। इन दिनों कस्बे सहित समीपवर्ती गांवों में ऐसे पत्र लोगों को मिल रहे है जिनमें एक लक्की ड्रॉ का कूपन दिया है।


महाजन. साइबर क्राइम के प्रति लोगों में जागरूकता बढऩे व लॉटरी आदि के नाम पर ठगी के तरीके पुराने होने के बाद अब डाक के माध्यम से पत्र भेजकर ग्रामीणों को ठगने का नया तरीका निकाला गया है। इन दिनों कस्बे सहित समीपवर्ती गांवों में ऐसे पत्र लोगों को मिल रहे है जिनमें एक लक्की ड्रॉ का कूपन दिया है। शनिवार को घेसूरा निवासी किसान प्रकाश छिम्पा, सुरजाराम, रामपाल आदि कई लोगों को डाक के माध्यम से लिफाफे प्राप्त हुए। इनको खोलने पर 'संजीवनी आयुर्वेदा आश्रम' चारमीनार हैदराबाद का एक पत्र व कूपन निकलता है। पत्र में संस्था के ५० वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लक्की ड्रॉ निकालने की बात लिखी हुई है।

कूपन को स्क्रेच करने पर एक आईफोन १० व एक लाख ५५ हजार रुपए नकद पुरस्कार लिखा मिलता है। इस राशि को पाने के लालच में ग्रामीण पत्र पर लिखे हैल्पलाइन नम्बर पर कॉल करते है तो उन्हें २ लाख ५५ हजार रुपए पुरस्कार का झांसा दिया जाता है। यह राशि लेने के लिए उड़ीसा राज्य स्थित अंतरा के एसबीआई का एक खाता नम्बर दिया जाता है। इसमें पुरस्कार के इच्छुक लोगों को टैक्स आदि के रूप में ५२५० रुपये जमा करवाने के लिए कहा जाता है। जानकारी के अनुसार गांवों के एक-दो युवाओं ने तो यह राशि जमा भी करवा दी लेकिन उनको इनामी राशि आज तक प्राप्त नहीं हुई है।दूसरी तरफ पुलिस व प्रशासन का कहना है कि ऐसे किसी भी बहकावे में आकर ठगी का शिकार बनने से बचना ही सावधानी है। गौरतलब है कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में लॉटरी के नाम पर ठगी करने, एटीएम नम्बर व बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ऑनलाइन ठगी करने के कई मामले पूर्व में सामने आ चुके है। पुलिस द्वारा गांवों में जागरूकता अभियान चलाने व पत्रिका में लगातार समाचार प्रकाशित होने के बाद लोगों में जागरूकता आई है।

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