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राहत की खबरः कोरोना में माता पिता को खोने वाले बच्चों को मिलेगी सरकारी नौकरी

ऐसे अनाथ बच्चे भी ऐसी नियुक्ति के पात्र होंगे, जिनके माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु कोरोना से 31 मार्च 2023 से पूर्व हो गई हो तथा दूसरे की मृत्यु 31 मार्च 23 को या इससे पहले इसी वजह से हो गई हो। वे इस अनुकंपात्मक नियुक्ति के पात्र होंगे।

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राहत की खबरः कोरोना में माता पिता को खोने वाले बच्चों को मिलेगी सरकारी नौकरी

राहत की खबरः कोरोना में माता पिता को खोने वाले बच्चों को मिलेगी सरकारी नौकरी

राज्य सरकार ने कोरोनाकाल में अनाथ हुए बच्चों को अनुकम्पात्मक नियुक्तियां देने के लिए राजस्थान विभिन्न सेवा (प्रथम संशोधन) नियम 2024 जारी किए हैं। कार्मिक विभाग ग्रुप 2 के संयुक्त निदेशक जय सिंह की ओर से जारी आदेशों में कोविड 19 से अपने माता-पिता दोनों को खोने वाले अनाथ बच्चों को अनुकम्पात्मक नियुक्तियां पे मैट्रिक्स के लेवल 9 तक के पदों पर देने के आदेश जारी किए हैं। राजस्थान विभिन्न सेवा नियम प्रथम संशोधन 2024 के अनुसार, जिन बच्चों ने 31 मार्च 2023 तक कोरोना से अपने माता पिता को खो दिया है वे अनुकंपात्मक नियुक्ति के पात्र होंगे। ऐसे अनाथ बच्चे भी ऐसी नियुक्ति के पात्र होंगे, जिनके माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु कोरोना से 31 मार्च 2023 से पूर्व हो गई हो तथा दूसरे की मृत्यु 31 मार्च 23 को या इससे पहले इसी वजह से हो गई हो। वे इस अनुकंपात्मक नियुक्ति के पात्र होंगे। ये नियुक्तियां राज्य के 63 विभिन्न विभागों में की जा सकेंगी, जिसकी सूची कार्मिक विभाग की ओर से जारी की गई है।

जिला कलेक्टर को देने होंगे आवेदन

पात्र तथा योग्यता रखने वाले आवेदकों को अपने जिले के कलक्टर को आवेदन देने होंगे। जिला कलक्टर अपने अधीनस्थ विभागों में पे मैट्रिक्स के लेवल 9 तक के रिक्त पदों के लिए आवेदन लेंगे। उनके जिले में पद रिक्त नही होने पर आवेदन अपने संभागीय आयुक्त को भेजेंगे। संभागीय आयुक्त अपने अधीनस्थ जिले में पद रिक्त नहीं होने पर कार्मिक विभाग को प्रकरण भेजेंगे। आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।

यह भी...

नियुक्ति के समय कंप्यूटर टंकण परीक्षा पर जोर नहीं दिया जाएगा, लेकिन आवेदक को तीन साल में यह परीक्षा पास करनी होगी। बेंचमार्क दिव्यांगता वाले आवेदक को टंकण से छूट रहेगी। अनाथ अभ्यर्थी के कुटुंब का कोई भी व्यक्ति किसी केंद्र तथा राज्य सरकार तथा इनके स्वामित्व या आंशिक नियंत्रण वाले कानूनी बोर्ड, संगठन या निगम के अधीन नियमित आधार पर पहले से नियुक्त हो, तो ऐसे अभ्यर्थी इन नियमों के तहत नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे। यदि अनाथ अवयस्क होगा, तो नियुक्ति के लिए अपेक्षित आयु होने पर नियुक्ति दी जा सकेगी।