
Congress party case in Bikaner
ये वही शैलजा है जिसकी रिपोर्ट पर बी. ड़ी. कल्ला कांग्रेस पार्टी से हुए निलंबित...
जयभगवान उपाध्याय
बीकानेर. ऑल इण्डिया कांग्रेस कमेटी की ओर से शुक्रवार को कुमारी शैलजा को राजस्थान स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा के बाद शहर में फिर उनके नाम की चर्चा शुरू हो गई। चर्चा इसलिए नहीं कि उन्हें कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया, बल्कि इसलिए कि कुमारी शैलजा प्रकरण के चलते यहां के एक वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी को पार्टी से निलंबित होना पड़ा था।
दरअसल बीकानेर में कुमारी शैलजा के अनुभव खट्टे-मीठे रहे हैं। वे करीब बीस साल पूर्व विधानसभा चुनाव से ठीक छह माह पहले टिकटों के वितरण को लेकर यहां सर्किट हाउस पहुंची थी। यहां कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. बीडी कल्ला और वर्तमान में भाजपा के विधायक डॉ. गोपाल जोशी के समर्थकों से शैलजा का सामना हुआ। राजनीति के जानकारों की मानें तो उस समय डॉ. गोपाल जोशी भी कांग्रेस में ही थे। सर्किट हाउस में डॉ. कल्ला और डॉ. जोशी गुट के समर्थक अपने प्रतिनिधि के समर्थन में नारे लगाने लग गए। इस बीच हुई भगदड़ में सर्किट हाउस की कई टेबल और कुर्सियां भी टूट गई थी।
शैलजा की रिपोर्ट पर निलंबन
बताया जाता है कि सर्किट हाउस में भगदड़ और शैलजा के साथ अभद्रता का ठीकरा डॉ. बीडी कल्ला के सिर फूटा। कुमारी शैलजा की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस के आला पदाधिकारियों ने डॉ. कल्ला को पार्टी से निलंबित कर दिया। हालांकि डॉ. कल्ला का निलंबन कुछ माह ही रहा। उसके बाद उन्हें टिकट दिया गया और वे भारी मतों से जीते। शुक्रवार को कुमारी शैलजा को स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद फिर शहर के राजनीतिक गलियारों में कल्ला के टिकट को लेकर कयास लगाए जाने लगे हैं। कांग्रेस ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मिजोरम व राजस्थान में स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्षों की घोषणा की।
Published on:
23 Jun 2018 08:51 am
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