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खेतों की तारबंदी में करंट से पशुओं और आमजन की जान को खतरा

क्षेत्र में इन दिनों फसल को पशुओं से बचाने के लिए काश्तकारों द्वारा खेतों के चारों ओर तारबन्दी में करंट प्रवाहित किया जाता है।

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Current in the wire

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महाजन. क्षेत्र में इन दिनों फसल को पशुओं से बचाने के लिए काश्तकारों द्वारा खेतों के चारों ओर तारबन्दी में करंट प्रवाहित किया जाता है। इससे आवारा पशुधन व वन्य जीवों के साथ ही अनजान इंसानों की जान को खतरा पैदा हो रहा है। इस मामले को लेकर सामाजिक संगठनों व जीव प्रेमियों ने कड़ा विरोध जताकर इस पर रोक लगाने की मांग उठाई है। गौरतलब है कि महाजन, अरजनसर, रामसरा, जसवंतसर, असरासर की रोही में खेतों में इस बार सावणी की बुआई के बाद किसानों ने ऐसी तारबन्दी पर जोर दिया है। इन तारों को सोलर ऊर्जा से चार्ज होने वाली बैटरियों से जोड़ दिया जाता है।

यह करंट २४ घण्टे प्रवाहित होता रहता है। खेत में घुसने वाले पशुओं को इस तारबन्दी को छूते ही जोरदार करंट का झटका लगता है। ग्रामीणों की माने तो हिरण, खरगोश, लोमड़ी आदि वन्य जीव व छोटे बच्चे इन तारों की चपेट में आने से मौत का शिकार भी बन सकते है। गांवों की तरफ जाने वाले रास्तों पर खेतों के चारों तरफ तारबन्दी खतरनाक सिद्ध हो सकती है। इन रास्तों से प्रतिदिन ढाणियों से पढऩे के लिए आने वाले बच्चे गुजरते है। विश्व हिन्दू परिषद के प्रखण्ड अध्यक्ष हनुमान जस्सू, भारतीय किसान संघ के तहसील मंत्री विक्रमसिंह राठौड़, गोरक्षा दल के देहात जिला प्रमुख मुकेश भार्गव आदि ने बताया कि इन तारों की चपेट में आने के कारण डर के मारे गोवंश रोही में चरने के लिए नहीं जा रहा है।

इनका कहना है
ऐसे मामले की शिकायत मिलेगी तो जांच की जाएगी। नियमानुसार गलत हुआ तो कानून के मुताबिक कार्यवाही की जाएगी।
विजेन्द्र सिल्ला, सीआइ महाजन।

रिक्त पदों से शिक्षण कार्य बाधित, अभिभावकों में रोष
सुरनाणा. गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में चालू सत्र से ही रिक्त पदों के चलते शिक्षण व्यवस्था बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विद्यालय में एसएमसी की बैठक में बार-बार मुद्दा उठाया जाता है लेकिन समस्या आज भी जस की तस है।

पंचायत समिति सदस्य बीरबलराम हुड्डा ने बताया कि पंचायत समिति की साधारण सभा में विद्यालय में वरिष्ठ शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने को लेकर हर बार मुद्दा उठाया जाता है लेकि लेकिन इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है। वहीं बालिका विद्यालय में भी पांच शिक्षकों के पद खाली होने के कारण कक्षाएं खाली ही रहती है। ग्रामीणों ने गांव के दोनों सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग की है।

सूडसर. कल्याणसर नया गांव के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में तीन व्याख्याता, एक द्वितीय व एक तृतीय श्रेणी के शिक्षकों के पद रिक्त है। इस विद्यालय में पढऩे वाले विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका है। ग्रामीणों का कहना कि पिछले साल भी शिक्षकों की कमी थी और शाला का परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं रहा। शिक्षा विभाग एवं स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार करने के बाद भी शिक्षकों पद सृजित नहीं किए गए है। ग्रामीणों ने जल्द ही रिक्त पदों पर शिक्षक नहीं लगाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।