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इलाज में लापरवाही बरतने पर विभाग ने किया इस डॉक्टर को एपीओ

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने आदेश जारी किए।

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सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खाजूवाला में कार्यरत आयुष चिकित्सक डॉ. निशा गुप्ता को कार्य में अनियमितता एवं इलाज में लापरवाही बरतने पर एपीओ कर दिया गया है। इस आशय के आदेश बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने आदेश जारी किए। एपीओ के दौरान डॉ. गुप्ता का मुख्यालय सीएमएचओ कार्यालय बीकानेर रखा गया है।

डॉ. चौधरी ने बताया कि विभागीय जांच में पृथमदृष्टया डॉ. निशा को दोषी पाया गया है। प्रकरण के अनुसार खाजूवाला के गुल्लुवाली ग्रामपंचायत निवासी किशनलाल की पत्नी उषा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन खाजूवाला सीएचसी लेकर गए। वहां चिकित्सक हड़ताल के कारण आयुष चिकित्सक निशा मिली।

उन्होंने उसे सरकारी हॉस्पिटल में देखने की बजाय अपने निजी अस्पताल आराधना क्लिनिक में भेज दिया। वहां उन्हें तीन हजार रुपए की दवाइयां देकर घर भेज दिया। उसी रात प्रसव पीड़ा तेज होने पर परिजन उषा को वापस आराधना क्लिनिक लाए, जहां उन्होंने दस हजार रुपए मांगें। परिजनों ने पांच हजार रुपए दे दिए और पांच हजार रुपए घर लाने गए। वापस लौटे तो डॉ. गुप्ता ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई है। इससे परिजन आक्रोशित हो गए।

परिजन हुए थे नाराज
परिजनों ने भादंसं की धारा419, 420 व 304 आईपीसी एसी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज करने की मांग की, जबकि पुलिस ने धारा 304 ए में मामला दर्ज कर लिया। इस पर परिजन नाराज हो गए और सोमवार को थाने के सामने धरने पर बैठ गए।

परिजन इन धाराओं में मामला दर्ज करने तथा डॉक्टर को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। इस पर वृत्ताधिकारी इस्माइल खान ने परिजनों को निष्पक्ष जांच के लिए आश्वस्त कर धरना उठवाया। वहीं चिकित्सा विभाग की ओर से जांच की गई।

अवैध आरा मशीनें होंगी जब्त

जिले में अवैध रूप से चल रही आरा मशीनों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बुधवार को हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में किया गया। गुप्ता ने निर्देश दिए कि अवैध कटान व अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए गश्ती दल नजर रखें। उपवन संरक्षक डॉ. आसुसिंह ने बताया कि अवैध आरा मशीनों की जानकारी मिलते ही जब्त करने की कार्यवाही विभाग ने शुरू कर रखी है।