
प्रदेशभर में 12 दिन हड़ताल के बाद गुरुवार को सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक लौटे। अब हड़ताली चिकित्सक घावों पर मरहम लगाने की कोशिश कर रहे हैं। सेवारत चिकित्सक हड़ताल के कारण परेशान हुए आमजन की सुविधा के लिए दो सप्ताह तक प्रतिदिन एक घंटा अतिरिक्त काम करेंगे। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के संरक्षक डॉ. नवल किशोर गुप्ता ने यह निर्णय गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सभी चिकित्सकों सर्वसम्मति से किया।
बढ़ गया ओपीडी
पीबीएम अस्पताल के वार्डों में रेजीडेंट व सीनियर रेजीडेंट ने मोर्चा संभाल लिया। बंद वार्डों को वापस खोल दिया गया है। हड़ताल समाप्ति के बाद पहले दिन पीबीएम का ओपीडी चार हजार से अधिक रहा। आउटडोर में भी कतारें दिखाई देने लगी है। चिकित्सकों ने ओपीडी में मरीजों को देखा। वहीं वार्ड में भर्ती मरीजों व परिजनों ने राहत महसूस की है। ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी डॉक्टरों ने ड्यूटी ज्वॉइन कर ली।
सभी चिकित्सक ड्यूटी पर
बारह दिन चली अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ और रेजीडेंट डॉक्टर यूनियन की सामूहिक हड़ताल से चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। संभाग के पीबीएम अस्पताल, जिला अस्पताल के अलावा सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज इलाज के अभाव में भटक रहे थे। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरपी अग्रवाल ने बताया कि पीबीएम में सभी चिकित्सकों ने ड्यूटी ज्वॉइन कर रली है। ड्यूटी शिड्यूल के अनुसार चिकित्सक ओपीडी, आईपीडी, ओटी, आपातकालीन इकाईयों में काम सुचारू हो गया है।
प्रतिबंधित पॉलीथिन का बंद हो चलन
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत महानगर द्वारा राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर ग्राहक जागरण पखवाड़े के तहत गुरुवार को प्रतिबंधित पॉलीथिन के चलन को पूर्णतया बंद करने के लिए कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। साथ ही आमजन से करवाए गए हस्ताक्षर की कॉपी भी साथ दी गई। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के महानगर अध्यक्ष शिवकुमार व्यास ने उच्चाधिकारियों की टीम बनाकर सख्त कदम उठाने की मांग की। जिला कलक्टर ने जल्द ही कार्रवाई का आश्वासन दिया।
Published on:
29 Dec 2017 09:03 am
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