
itarsi, nagarpalika, purani itarsi, water supply, tankers, peoples, purani itarsi
महाजन. एक तरफ जहां राज्य सरकार करोड़ों रुपये खर्च करके गांव-गांव, ढाणी-ढाणी पेयजल व्यवस्था सुचारू करवाने में लगी हुई है वहीं दूसरी तरफ विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते गांवों में आपूर्ति होने वाले पेयजल को महंगी दर पर टैंकर चालकों द्वारा ग्वालों को बेचा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक समीपवर्ती गुसाईणां, बालादेसर आदि गांवों में जलदाय विभाग की ओर से महाजन व लालेरां वाटर वक्र्स से प्रतिदिन पाइप लाइन द्वारा पेयजल आपूर्ति की जाती है। गांवों में पानी की सुचारू आपूर्ति के लिए सरकार लाखों रुपए का बजट आवंटित करती है।
गांवों में पानी की आपूर्ति नियमित होने के बाद भी ग्रामीण पानी के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांवों में कुछ टैंकर वाले जीएलआर में पानी की आपूर्ति होते ही टैंकर भर लेते है एवं यह पानी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज एरिया में डेरा लगाये बैठे गोपालकों व भेड़पालकों को सात सौ से आठ सौ रुपये प्रति टैंकर के हिसाब से बेच दिया जाता है।
जिससे गांवों में लोग पेयजल संकट से जूझ रहे है।
गांवों में प्रतिदिन पांच-सात टैंकर से अधिक पानी सरेआम बेचा जा रहा है। ग्रामीणों की माने तो अगर टैंकर भरने पर रोक लगे तो गांवों में कभी पेयजल संकट की समस्या ही नहीं हो। इस सम्बन्ध में जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता व अन्य उच्चाधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होने से ग्रामीण परेशानी में है।
पाइप लाइन बदलकर भरे गड्ढे, मिली राहत
महाजन. कस्बे के व्यस्तम रेंज चौराहे के पास जलदाय विभाग द्वारा पाइप लाइन बदलने के लिए खोदी गहरी खाई आखिरकार विभाग ने भरकर ग्रामीणों व वाहन चालकों को राहत प्रदान कर दी है। राजस्थान पत्रिका में १३ अक्टूबर को 'राजमार्ग के किनारे खोदे गड्ढ़ों से हादसे की आशंका' शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद जलदाय विभाग के अधिकारियों की नींद खुली व आनन-फानन में पाइप बदलकर पांच दिनों से खोदी खाई को वापस रेत से भरने की कार्यवाही की गई।
गौरतलब है कि रेंज चौराहे के समीप राजमार्ग संख्या १५ के नीचे से मनोहरिया गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन डाली हुई है। यह पाइप लाइन सड़क के नीचे से टूट जाने के कारण इसको बदलने के लिए विभागीय कर्मचारी प्रयास कर रहे थे। लाइन बदलकर दूसरा पाइप डालने के लिए सड़क के दोनों तरफ कई दूर तक गहरी खाई खोदी गई थी।
यह खाई सड़क के दोनों तरफ कई दुकानों के आगे होने से दुकानदार परेशानी में थे। विभाग के कर्मचारी पांच दिनों से क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को नहीं बदल रहे थे, जिससे यह खाई नहीं भरी जा सकी थी। रात के समय पशुओं व वाहनों के गिरने का खतरा बना हुआ था।
Published on:
16 Oct 2017 01:21 pm
बड़ी खबरें
View Allबीकानेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
