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राजनीतिक महत्वाकांक्षा उम्रदराज लोगों को ही खींच लाई स्कूल की चौखट तक

जिले के जाने-पहचाने राजनेता इन दिनों तख्ती-कलम लिए नेशनल ओपन स्कूल दिल्ली की ओर से आयोजित हो रही बोर्ड परीक्षा में भाग्य आजमा रहे है।

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old people

उम्रदराज लोग

लूणाराम वर्मा/महाजन. कहा जाता है कि राजनीति कुछ भी करवा सकती है। मगर इसे सकारात्मक पहलु ही माना जाएगा कि राजनीतिक बिसात पर भाग्य आजमाने की आकांक्षा उम्रदराज लोगों को स्कूल की चौखट तक खींच लाई है। जिले के जाने-पहचाने राजनेता इन दिनों तख्ती-कलम लिए नेशनल ओपन स्कूल दिल्ली की ओर से आयोजित हो रही बोर्ड परीक्षा में भाग्य आजमा रहे है।

क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नाथवाणा में चल रहे परीक्षा केन्द्र पर राजनीतिक महत्वकांक्षा रखने वाले ऐसे उम्रदराज लोगों को परीक्षा कक्ष में प्रश्न-पत्र हल करते हुए देखा जा सकता है। इस परीक्षा केन्द्र पर श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष रहे एक नेता सहित भाजपा किसान मोर्चा केे पदाधिकारी व जिले की कई अन्य तहसीलों के बड़े कदावर नेता यहां परीक्षार्थी बनकर सवालों के जवाब लिख रहे है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पिछली बार पंचायती राज व नगरीय स्वशासन संस्थाओं में चुनाव के लिए शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य कर दी थी। शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता के चलते पिछले पंचायती राज व नगरीय स्वशासन संस्थाओं के चुनाव में जिले के कई दिग्गज नेताओं के चुनावी मैदान में उतरने के सपने अधूरे रह गए थे।

इस बार फिर अवसर नहीं चुकने की गरज से जिले के राजनैतिक क्षेत्र में सक्रिय उम्रदराज नेता भी ओपन बोर्ड से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए जोर लगा रहे है। इस परीक्षा केन्द्र पर करीब ढाई सौ से अधिक ऐसे लोग परीक्षा में बैठ रहे है। इसके अलावा जिले में कई अन्य परीक्षा केन्द्रों पर इन दिनों चल रही परीक्षा में चुनाव लडऩे के इच्छुक नेता परीक्षा पास करने की नैया पार लगाने में लगे है।

राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2015 में करवाये पंचायती राज चुनावों में एनवक्त पर शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य करने से ग्रामीण अंचल में अधिकांश दिग्गज नेताओं के सपनों पर पानी फिर गया था। जिससे पंचायतों में अधिकांश सरपंच व अन्य जनप्रतिनिधि युवा बने। राजनैतिक महत्वकांक्षा रखने वाले दिग्गज नेता पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनावों में भाग्य आजमाने के लिए सबसे जरूरी शैक्षणिक योग्यता को हासिल करनेे के लिए ओपन बोर्ड की परीक्षाओं में भाग्य आजमा रहे है।

यह निर्धारित है शैक्षणिक योग्यता
राज्य सरकार की ओर से पंचायती राज संस्थाओं के लिए चुनाव लडऩे के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। सरपंच के लिए जहां आठवीं पास होना अनिवार्य है वहीं पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्य के चुनाव के लिए दसवीं उत्तीर्ण होना जरूरी है।

उम्रदराज दे रहे हैं परीक्षा
नाथवाणा विद्यालय में इन दिनों दिल्ली ओपन बोर्ड की परीक्षा चल रही है। जिसमें कई उम्रदराज लोग भी परीक्षा दे रहे है। अलग-अलग बैच में चल रही परीक्षा में अलग-अलग संख्या में परीक्षार्थी शामिल होकर पेपर दे रहे है।
किस्तुराराम गुरिया, प्रधानाचार्य उच्च माध्यमिक विद्यालय नाथवाणा।