
शिक्षा अधिकारियों को विद्यालय निरीक्षण का मिला लक्ष्य
बीकानेर. प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए अब शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे।
स्कूलों का अवलोकन करने के बाद वे अपनी रिपोर्ट निदेशालय भेजेंगे। निदेशालय में इस रिपोर्ट पर मंथन कर आगामी कार्रवाई के लिए इसे सरकार के पास भेजा जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए सावंत इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इसके लिए हर अधिकारी को स्कूल का अवलोकन करना होगा। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् ने नए मापदंड निर्धारित किए हैं। इनमें राज्य स्तर पर शैक्षिक ढांचे में पुनर्गणना करने के बाद शिक्षा विभाग के ब्लॉक, जिला व संभाग के आधार पर आदर्श, उत्कृष्ट एवं अन्य विद्यालयों का अधिकारियों को निरीक्षण करना होगा। हर अधिकारी को महीने में कम से कम एक माध्यमिक विद्यालय व अन्य विद्यालयों का अवलोकन कर रिपोर्ट भेजनी होगी। सभी अधिकारियों को निरीक्षण के बाद मासिक समीक्षा करनी होगी और सूचना विभाग के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
अधिकारियों को इतना मिला लक्ष्य
संभागस्तर पर संयुक्त निदेशक को सत्र में २९ स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। हर महीने जुलाई से सिंतबर तक ४-४ स्कूलों, अक्टूबर से दिसंबर तक ३-२ और जनवरी से अप्रेल तक हर महीने २-२ स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। संभागस्तर पर अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी अकादमिक को २० स्कूलों, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी व पदेन जिला परियोजना समन्वयक को सत्र में ३९ स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। सहायक निदेशक को ३३ स्कूल, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक व माध्यमिक को प्रत्येक को ३९ स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। सभी अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारियों को २६-२६ स्कूलों, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक ३९, सभी सहायक परियोजना समन्वयकों ३६, कार्यक्रम अधिकारी २३, प्रधानाचार्य को २०, उपप्रधानाचार्य व सभी व्याख्याताओं को २० स्कूल, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को ४६, ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी व अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को ३९, सभी संदर्भ व्यक्तियों को ३९ स्कूल का निरीक्षण करना होगा। पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी को महीने में एक बार उत्कृष्ट विद्यालय, पंचायत क्षेत्र के प्रारंभिक शिक्षा के अन्य विद्यालयों का दो माह में एक निरीक्षण अनिवार्य करना होगा।
Published on:
24 Jan 2019 12:55 pm
