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ट्रेन के अंदर और स्टेशनों पर अब नहीं दिखाई देंगी प्लास्टिक की खाली बोतलें

ट्रेन के अंदर और स्टेशनों पर अब प्लास्टिक की खाली बोतलें दिखाई नहीं देंगी। इसके लिए रेलवे नई व्यवस्था शुरू कर रहा है। बीकानेर स्टेशन पर शीघ्र ही बोतल क्रेशर मशीनें लगाई जाएंगी।

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bikaner railway station

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बीकानेर. ट्रेन के अंदर और स्टेशनों पर अब प्लास्टिक की खाली बोतलें दिखाई नहीं देंगी। इसके लिए रेलवे नई व्यवस्था शुरू कर रहा है। बीकानेर स्टेशन पर शीघ्र ही बोतल क्रेशर मशीनें लगाई जाएंगी। एक नम्बर प्लेटफार्म पर अत्याधुनिक मशीन आ गई है। स्थान का चयन होने के बाद मशीन को स्थापित किया जाएगा।

मशीन में खाली बोतलें डालने के बाद वह गर्म होकर प्लास्टिक सीट में तब्दील हो जाएगी। इसका दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे आय भी होगी और सफाई की समस्या से भी निजात मिलेगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यात्री खुद ही बोतल को क्रेशर मशीन में डालें, इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाएगा। मशीन में खाली बोतल डालने पर लोगों को उपहार भी दिया जाएगा, ताकि ट्रेन के कोच व प्लेटफार्म पर इधर-उधर खाली बोतलों का कचरा नहीं मिले।

पर्यावरण संरक्षण की मंशा
रेलवे की मंशा है कि स्टेशनों पर पर्यावरण संरक्षण के लिए के्रशर मशीन लगाई जाएं। जल्द ही इसको शुरू किया जाएगा।
अभय शर्मा, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक, बीकानेर

गर्भाशय के कैंसर से बचने के उपाय बताए

बीकानेर. एसोसिएशन रेडियशन ऑन्कोलॉजिस्ट ऑफ इण्डिया का दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन शनिवार को आचार्य तुलसी कैंसर सेंटर में शुरू हुआ। सम्मेलन की शुरुआत मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरपी अग्रवाल ने की। सम्मेलन में बीकानेर व प्रदेश सहित राष्ट्रीय स्तर के २०० से अधिक विशेषज्ञ और चिकित्सक हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान वरिष्ठ कैंसर चिकित्सकों का सम्मान किया गया। दिल्ली से आए विशेषज्ञ डॉ. असीम भटनागर ने परमाणु हमले से निपटने की सक्षम तैयारियों का ब्यौरा देते हुए मेडिकल कॉलेज के योगदान पर प्रकाश डाला।

डॉ. किशोर सिंह ने गर्भाशय के कैंसर से बचने के उपाय बताए। डॉ. रजनीश शर्मा व डॉ. विंध्या ने भाी विचार रखे। रोहतक के डॉ. विवेक कौशल ने गर्भाशय में कैंसर का इलाज और कैंसर उपचार की नवीन तकनीकें साझा की। डॉ. भावना राय ने स्त्री जननांगों में कैंसर के कारण व उपचार पर प्रकाश डाला। डॉ. सुनील गुप्ता ने नई दवाइयों और प्रयोगों की जानकारी दी। रायपुर से आए डॉ. आरके व्यास ने अपने मरीजों के दस साल के परिणाम बताए। सम्मेलन में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल वार्तालाप भी रोचक रहा और दुबारा होने वाले कैंसर पर चर्चा की गई।