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अलवर में पदस्थापित खनिज अभियंता को देने आए थे मंथली के रुपए, एसीबी की टीम ने किया ट्रैप

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने पकड़े अलवर के खनिज अभियंता विजयशंकर जयपाल ने खनन व्यापारियों से मंथली वसूली के लिए दलाल रखे हुए थे।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 7 May 2018, 9:54 AM IST

Engineer trap

बीकानेर . भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने रविवार को पकड़े अलवर के खनिज अभियंता विजयशंकर जयपाल ने खनन व्यापारियों से मंथली वसूली के लिए दलाल रखे हुए थे। पकड़े गए दलाल दीपक खण्डेलवाल और मुकेश शर्मा ने 5.98 लाख रुपए अभियंता को रोडवेज बस स्टैण्ड पर सौंपे थे।

एसीबी की पूछताछ में दलालों ने रुपए अभियंता के लिए अलवर क्षेत्र में खनन व्यापारियों से एकत्र कर लाना स्वीकार किया है। एसीबी एसपी ममता राहुल बिश्नोई ने बताया कि मुख्यालय से सूचना मिली कि बीकानेर निवासी और अलवर में कार्यरत खनिज अभियंता विजयशंकर अवैध खनन कराने की एवज में अलवर क्षेत्र के खनन व्यापारियों से बंधी लेता है।

हर महीने दलाल व्यापारियों से बंधी के रुपए एकत्र कर बीकानेर में खनिज अभियंता को पहुंचाते है। इस पर एसीबी ने अभियंता और दलालों पर नजर रखनी शुरू की। रविवार को दलाल अलवर निवासी दीपक खण्डेलवाल और मुकेश शर्मा बंधी की राशि लेकर सुबह सवा सात बजे बीकानेर बस स्टैण्ड पहुंचे।

पहले से घात लगाए बैठे ब्यूरो के अधिकारियों ने अभियंता और दोनों दलालों को दबोच लिया। एएसपी रजनीश पूनिया के नेतृत्व में ब्यूरो के दल ने अभियंता के बीकानेर में समतानगर स्थित आवास की तलाशी लेकर ८० हजार रुपए और सम्पत्ति के कागजात भी जब्त किए।

बीकानेर में लेता बंधी
पकड़े जाने से बचने के लिए खनिज अभियंता विजयशंकर खनन व्यापारियों से दलालों के माध्यम से एकत्र कराई राशि को अलवर में नहीं लेता था। वह महीने के पहले सप्ताह में छुट्टी लेकर बीकानेर आ जाता था। यहां पर दलाल से रुपए मंगवाकर अपने निवास स्थान समतानगर के पास ही स्थित रोडवेज बस स्टैण्ड पर ले लेता था।

आरोपित व उसके ससुर के घर तलाशी
एसीबी स्पेशल यूनिट के एएसपी परबतसिंह ने बताया कि खनिज अभियंता समतानगर में किराए के मकान में रहता है। उसका ससुर अर्जुनलाल आरएसएमएम लिमिटेड़ बीकानेर में कर्मचारी है, जिसका मकान करणीनगर लालगढ़ में है। एसीबी टीम ने खनिज अभियंता और उसके ससुर के मकान पर तलाशी अभियान शुरू किया जो देर रात तक जारी रहा।

आरोपित खनिज अभियंता का पैतृक मकान बीकानेर के उदासर गांव में है जो बंद पड़ा है। सोमवार को उसकी तलाशी भी ली जाएगी।

मास्टर माइंड
एएसपी पूनिया ने बताया कि अलवर में अवैध खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है। खान मालिकों की समस्याओं का निबटारा कराने की एवज में भी रिश्वत लेने का खेल चलता है। रामावतार नामक दलाल खनिज विभाग के लिए वसूली कर अधिकारियों को देता है। खनिज अभियंता विजय शंकर जयपाल पर पहले भी पद के दुरुपयोग के मामले एसीबी में दर्ज है।

करोड़ों का मालिक अभियंता

आरोपित के ससुर का मकान करणीनगर लालगढ़ में है। वहां तलाशी के दौरान लाखों रुपए की संपत्ति मिली है।
विजयशंकर की पत्नी कुशुमलता के नाम से पोस्ट ऑफिस एवं एसबीआइ में छह बचत खाते की पास बुकें मिली।
बीछवाल आवासीय योजना में भूखंड संख्या 3 इ ५७ जो कुशमलता के नाम से है।

जिसे क्रय करने के कागजातों की छाया प्रतियां।एक मूल लीज एग्रीमेंट कुशुमलता के नाम गोदाम व दो दुकानें वार्ड नंबर छह करमीसर में। तीन लाख की कृषि भूमि पत्नी के नाम। करणीनगर योजना में ६४ गुणा ३५ का भूखंड, जिसकी कीमत करीब ६२ लाख ५०,००० रुपए आंकी गई है।

एक गिफ्ट डीड गौरीशंकर जयपाल की ओर से विजयशंकर के नाम केशरदेसर जाटान में। ग्राम पंचायत उदासर सरपंच की ओर से एक पट्टा आरोपित के नाम।बीछवाल आवासीय योजना में आरोपित के स्वयं के नाम भूखंड।तीन एलआइसी पॉलिसियां, एक पीएलआइ पॉलिसी एवं एक टाटा एआइजी पॉलिसी विजयशंकर व उसकी पत्नी के नाम। एसबीआइ के तीन लॉकरों की चाबियां।