
बिजनेस एनालिटिक्स में भविष्य देख रहे बीकानेर के होनहार
विद्यार्थी अब डाटा संग्रहण करके डेटा के विश्लेषण और इस्तेमाल की जानकारी ले सकेंगे। भविष्य में इसके बढ़ते चलन की संभावनाओं के मद्देनजर विद्यार्थियों का रुझान भी इस तरफ बढ़ा है। दरअसल, इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर की ओर से पिछले साल मैनेजमेंट के साथ बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स शुरू किया गया। रुझान का आलम यह है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल इस कोर्स में करीब 20 फीसदी अधिक आवेदन हुए। जानकारों का मानना है कि मौजूदा दौर में सबसे मूल्यवान संसाधन ऑयल नहीं, बल्कि डाटा है। डाटा संग्रहण करके उनके विश्लेषण और इस्तेमाल से कंपनियों को भावी कस्टमर, वर्तमान ट्रेंड, कंज्यूमर बिहेवियर, मार्केट रिसर्च, प्रोडक्ट का फीडबैक, बिजनेस इंटेलिजेंस इत्यादि के बारे में पता चलता है। इसके आधार पर कंपनियां बिजनेस संबंधी नीतियां बनाती हैं और कंपनियों को मुनाफा होता है। इसी खास विषय को दो वर्षीय एमबीए कोर्स में स्पेशलाइजेशन फील्ड के तौर पर जोड़ दिया गया है। इससे विद्यार्थियों को डाटा संबंधित काफी कुछ सीखने को मिल सकेगा। इस कोर्स में छात्रों को विभिन्न एनालिटिकल एंड स्टेटिस्टिकल टूल्स (सांख्यिकीय और मात्रात्मक विश्लेषण, व्याख्यात्मक और प्रिडिक्टिव मॉडलिंग, डेटा विजुअलाइजेशन, आदि) का उपयोग करने के तरीके सिखाए जाएंगे।
क्या है बिजनेस एनालिटिक्स
ईसीबी के मैनेजमेंट विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ऋचा यादव ने बताया कि बिजनेस एनालिटिक्स का आशय व्यवसाय के आंकड़ों और डेटा के विश्लेषण और इस्तेमाल से है, जिसके आधार पर बिजनेस संबंधी नीतियां बनाई जा सकें और जिससे व्यावसायिक दक्षता और प्रॉफिट में वृद्धि हो। एक पेशेवर बिजनेस एनालिस्ट व्यवसाय को दक्षता, उत्पादकता और लाभप्रदता की ओर ले जाने में एक बड़ी भूमिका निभाता है। बिजनेस एनालिस्ट कंपनी के सभी हितधारकों के साथ संवाद करके व्यावसायिक प्रक्रियाओं, सूचना प्रणालियों और नीतियों में परिवर्तन के लिए आवश्यकताओं का पता लगा कर विश्लेषण करता है।
मार्केट की मांग को देखते हुए शुरुआत
मार्केट डिमांड को देखते हुए पिछले तीन-चार वर्षों में ईसीबी ने आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, डाटा साइंस और बिज़नस एनालिटिक्स जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रमों (कोर्सेज) की शुरुआत की है। इससे विद्यार्थी उन्नत और विकसित तकनीक का प्रयोग करके व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन करें सकेंगे।
-डॉ. मनोज कुड़ी, प्राचार्य, ईसीबी
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हर साल 40 हजार नई जॉब्स के अवसर बढ़े
भारत बिजनेस एनालिटिक्स प्रोफेशनल की संख्या के हिसाब से अमेरिका और चीन के बाद तीसरे नंबर पर है। लेकिन कम लागत के चलते विदेशी कंपनियां भारत को ज्यादा पसंद करती हैं। एक रिसर्च के अनुसार भारत में लगभग 13 लाख प्राइवेट कंपनियां संचालित हैं, जिसमें से लगभग हर 3 में से 1 कंपनी को अपने वर्क प्रॉसेस के स्मूथ फ्लो के लिए बिजनेस एनालिस्ट की जरूरत होती है। इसलिए भारत में बिजनेस एनालिटिक्स स्पेशलाइजेशन के साथ एमबीए विद्यार्थियों के लिए करियर का यह एक शानदार विकल्प है। क्योंकि अगले पांच वर्षों में हर साल 40 हजार नई जॉब्स इस सेक्टर में मिलने की संभावना है। भारत में इस इंडस्ट्री में आधी से ज्यादा हिस्सेदारी बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेस की है। ड्यूल स्पेशलाइजेशन के तौर पर बिजनेस एनालिटिक्स के साथ फाइनेंस विषय का चुनाव बेहतर रोजगार मुहैय्या करवाता है। बिजनेस एनालिटिक्स में रीयल-टाइम एनालिटिक्स, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके व्यवसाय को दक्षता, उत्पादकता और लाभप्रदता की ओर ले जाया जा सकता है।
-डॉ. नवीन शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, मैनेजमेंट विभाग, ईसीबी
Published on:
24 Sept 2023 05:01 pm
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