
फर्जी बीमा कम्पनी एजेंट
बज्जू. क्षेत्र के चारणवाला के गांव एक सरकारी स्कूल के शिक्षक के साथ फर्जी बीमा कम्पनी एजेंट बनकर २२.५० लाख की ऑनलाइन ठगी का मामला बज्जू थाने में दर्ज करवाया है। मामले में एएसआई आदेश कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर ७ लाख ६० हजार की राशि भी जब्त कर ली है।
बज्जू थानाप्रभारी भवानीसिंह ने बताया कि १ मार्च २०१८ को चारणवाला गांव के सरकारी स्कूल के शिक्षक महेशदान चारण ने बीकानेर पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा के समक्ष पीड़ा बताई थी। इसके बाद पुलिस टीम का गठन कर कार्रवाई की गई। परिवादी महेशदान ने बताया कि उसने वर्ष २०१५ में एसबीआई लाइफ इन्सोरेंस की दो ऑनलाइन पॉलिसी करवाई थी।
इसके बाद कई कॉल सेंटरों से उसके पास फोन आए और बीमा करवाने के प्रलोभन दिए। इस दौरान अधिक बोनस व कम ब्याज दर में ऋण देने के प्रलोभन पर महेशदान ने एचडीएफसी, रिलायंस, एक्साइड व नेच्यूरल लाइफ की छह लाख की पॉलिसी करवा ली थी।
६२ लाख के दो चेक दिए
मामले की जांच कर रहे एएसआई आदेश कुमार ने बताया कि इस दौरान शिक्षक महेशदान को बोनस के रूप में दस लाख रुपए का एक फर्जी चेक आया और कहा गया कि इस बोनस के लिए आपको पहले ३ लाख ७५ हजार रुपए जमा करवाने होंगे। इस पर विश्वास कर महेशदान ने जमा करवा दिए गए। इसके बाद ५२ लाख का एक चेक महेशदान को भेजा गया। इसके एवज में करीब १० लाख की राशि खाते में जमा करवा दी।
खाते से ओटीपी नम्बर लेकर भी निकाली राशि
महेशदान को जब १० व ५२ लाख के दो चेक प्राप्त हुए तो उन्होंने इन्हें जमा करवाकर राशि निकालने की बात कही तो फर्जी बीमा एजेंट ने फाइल रिजर्व बैंक में अटकना होना बताया और दबाब डालकर पॉलिसी रद्द करने के लिए महेशदान से रिपोर्ट प्राप्त की तथा खातों से ओटीपी लेकर करीब २२.५० लाख की राशि निकाल ली।
तीन सालों से चल रहा था ठगी का खेल
एएसआई आदेश कुमार ने बताया कि महेशदान के साथ ठगी का यह खेल करीब १५ फरवरी २०१५ से चल रहा था। इसमें वर्ष २०१७-१८ में तो मोबाइल पर आए ओटीपी मैसेज कोड पूछकर रुपए निकाले गए। इससे पहले चेक व नकदी के रूप में रुपए जमा करवा गए थे।
वहीं शिक्षक महेदशदान को १० व ५२ लाख के चेक डाक के माध्यम से प्राप्त हुए थे। जिन-जिन नम्बरों से कॉल आए थे वे सभी सिमें भी फर्जी है जो अब बंद है। इस दौरान महेशदान के ***** व्याख्याता कैलाशदान चारण जब बहनोई के पास पहुंचे तो परेशानी बताई। तब पुलिस को आपबीती बताई।
ऐसे पकड़ में आया मामले का एक आरोपित
परिवादी की परिवेदना पर पुलिस अधीक्षक ने तुरन्त प्रकरण दर्ज करने के आदेश के साथ ही धारा ४२०, ४६७, ४६८, ४०६, १२० बी भादसं के तहत दर्ज कर अनुसंधान के लिए बज्जू थाने के एएसआई आदेश कुमार के नेतृत्व में कांस्टेबल कैलाश, छगनलाल, प्रवीण कुमार, संजय कुमार व साइबर सेल के कांस्टेबल दीपक यादव की टीम का गठन किया।
इसके बाद टीम ने खातों का रिकॉर्ड, पेटीएम वॉलेट रिकार्ड प्राप्तकर कॉल डिटेल, कॉलर आईडी तथा करंट लॉकेशन लेकर गैंग का पर्दाफाश किया गया। इस मामले में पुलिस टीम ने एएसआई आदेश कुमार के नेतृत्व ने अमित गुप्ता पुत्र रामकुमार निवासी अशोकनगर शहादरा दिल्ली को १० अप्रेल को दिल्ली से गिरफ्तार किया तथा उससे ७.६० लाख की राशि बरामद की।
उसे गुरुवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। इस गैंग का मुख्य सरगना अंकुर वर्मा, शरद गुप्ता, रोहित सैनी, चन्दन गुप्ता, सुरजभान, उपासना भान व मोनू शाह को चिन्हित कर लिया गया है। इनमें मोनू शाह विभिन्न बीमा कम्पनियों के एजेंट के रूप में कार्य करता है तथा बीमित लोगों के नम्बर हैक कर ऊंचे सपने दिखाकर उनसे रुपए की ठगी करते है। मामले को लेकर इन्सोरेंस कम्पनियों के कर्मचारियों व अधिकारियों की भूमिका के बारे में जांच की जा रही है।
Published on:
13 Apr 2018 08:10 am

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