
Farmers in a state of confusion
लूणकरनसर. लूणकरनसर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में न्यू एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए अवाप्त कृषि भूमि का पंजाब पैटर्न के आधार पर बाजार मूल्य के हिसाब से मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावित होने वाले काश्तकार लामबंद होने लगे है। इस मुद्दे को लेकर शनिवार को कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल व प्रधान गोविन्दराम ने ग्राम किसनासर, सहजरासर, ढाणी भोपालाराम, कालवास समेत आधा दर्जन गांवों का दौराकर किसानों की समस्याएं सुनी। इस दौरान खेतों में पहुंचकर किसानों से वार्ता कर न्यू एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के लिए की गई पत्थरगढ़ी की जानकारी ली।
काश्तकारों ने बताया कि एक्सप्रेस-वे से खेतों का दो हिस्सों में विभाजन होने से काफी नुकसान हो रहा है। बेनीवाल ने किसानों की समस्याओं के समाधान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी व सम्बन्धित मंत्रालय के अधिकारी किसानों की शंकाओं का निस्तारण करें। उन्होंने न्यू एक्सप्रेस-वे में अवाप्त होने वाली कृषि भूमि का पंजाब पैटर्न के साथ बाजार मूल्य से मुआवजा दिलाने की बात कही। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे के साथ किसानों को उनके खेतों में आवागमन में कोई परेशानी नहीं हो इसके बारे में भी असमंजस की स्थिति को दूर करना चाहिए। न्यू एक्सप्रेस-वे के लिए अवाप्त होने वाली कृषि भूमि के मुआवजेे को लेकर गांवों की चौपालों में भी ग्रामीणों ने चर्चा कर उनके सुझाव लिए गए। इस दौरान केवीएसएस निदेशक मूलाराम कलकल, मोहनराम सारण, अर्जुनराम मेघवाल, सीताराम गोदारा, पतराम सियाग, शंकरलाल गोदारा, मालाराम, सतपाल, बालूराम काकड़, सुरजाराम, मुखराम गोदारा समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।
काश्तकार करेंगे बैठक
न्यू एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के लिए अवाप्त की जाने वाली कृषि भूमि के मुद्दे को लेकर २५ सितम्बर को लूणकरनसर में काश्तकार बैठक करेंगे। प्रधान गोविन्दराम गोदारा ने बताया कि बैठक में प्रभावित किसानों को मुआवजा ज्यादा से ज्यादा मिले तथा कृषि भूमि के अलावा किसानों को होने वाले अन्य नुकसान को लेकर सामूहिक चर्चा होगी।
Published on:
23 Sept 2018 12:40 pm
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